मीरवाइज़ का आग्रह: देशभर में कश्मीरियों पर हमले रोकें सरकार

कश्मीर के मुख्य मौलवी मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने शुक्रवार को अधिकारियों से घाटी के बाहर रहने वाले कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया

Update: 2026-01-31 04:11 GMT

उत्तराखंड में कश्मीरी भाइयों पर हमला, घाटी में गुस्सा

  • हरियाणा-हिमाचल समेत कई राज्यों में कश्मीरी व्यापारियों पर हमले
  • जामिया मस्जिद से मीरवाइज़ की चेतावनी- सुरक्षा पर गंभीर चिंता
  • एमएमयू ने पुलिस की ‘प्रोफाइलिंग एक्सरसाइज’ पर जताई आपत्ति

श्रीनगर। कश्मीर के मुख्य मौलवी मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने शुक्रवार को अधिकारियों से घाटी के बाहर रहने वाले कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

मीरवाइज़ ने यहां ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में शुक्रवार की नमाज़ के बाद लोगों को संबोधित करते हुए उत्तराखंड के विकास नगर इलाके में आठ साल के कश्मीरी शॉल बेचने वाले ताबिश और उसके भाई दानिश पर लोहे की रॉड से हुए हमले पर दुख और चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह घटना जम्मू-कश्मीर के बाहर आम कश्मीरियों को होने वाली सांप्रदायिक भेदभाव और दुश्मनी के परेशान करने वाले पैटर्न को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि हाल ही में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से कश्मीरी व्यापारियों, श्रमिकों और विद्यार्थियों पर उत्पीड़न और हमलों की ऐसी ही घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि हजारों कश्मीरी सर्दियों के महीनों में ईमानदारी से रोज़ी-रोटी कमाने के लिए अलग-अलग राज्यों में जाते हैं, और ऐसे कमज़ोर लोगों को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए।

नरमपंथी अलगाववादी समूह के नेता ने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद भारत के अलग-अलग हिस्सों में पढ़ने और काम करने वाले कश्मीरी विद्यार्थियों , व्यापारियों, पेशेवरों और अन्य लोगों की सुरक्षा का खतरा बढ़ जाता है, जिससे उनमें और उनके परिवारों में चिंता और डर पैदा होता है। उन्होंने अधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेने और बाहर रहने वाले कश्मीरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने घाटी में पुलिस की "प्रोफाइलिंग एक्सरसाइज" यानी लोगों के बारे में जानकारी हासिल करने की प्रक्रिया पर भी गंभीर चिंता जतायी और कहा कि इसमें मस्जिदों, उनकी प्रबंधन समियों , इमामों और पूजा स्थलों से जुड़े लोगों के बारे में बहुत ज़्यादा और दखल देने वाली जानकारी मांगी जा रही है।

मीरवाइज़ ने कहा कि यह बहुत परेशान करने वाला मामला है और मुत्तहिदा मजलिस-ए-उलेमा (एमएमयू ) - जम्मू- कश्मीर के प्रमुख धार्मिक संगठनों का एक समूह के सभी सदस्यों ने अधिकारियों से इसे रोकने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि एक कश्मीरी पंडित समाज सेवक, पंडित भूषण बज़ाज़ के निधन पर दिल्ली की अपनी हालिया यात्रा के दौरान के दौरान उन्होंने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मौलाना अरशद मदनी और मौलाना महमूद मदनी सहित प्रमुख मुस्लिम नेताओं और उलेमा से मुलाकात की थी और उन्हें स्थिति के बारे में जानकारी दी थी। मीरवाइज़ ने कहा, "उन्होंने भी इस मुद्दे और इसके नतीजों पर कड़ी आपत्ति और चिंता जतायी है।" उन्होंने कहा कि एमएमयू जल्द ही अपने सदस्य संगठनों और वरिष्ठ धार्मिक नेतृत्व की एक बैठक बुलाएगा ताकि इस मामले पर विचार-विमर्श किया जा सके और अगर पुलिस की यह प्रक्रिया नहीं रोकी गयी, तो तो सामूहिक रूप से क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

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