ट्विशा शर्मा केस: गिरिबाला की अग्रिम जमानत रद्द, पिता ने सीजेआई और मीडिया का शुक्रिया अदा किया
ट्विशा के पिता, नवनिधि शर्मा ने गुरुवार को मीडिया, भारत के लोगों और मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का शुक्रिया अदा किया।;
ग्रेटर नोएडा। ट्विशा के पिता, नवनिधि शर्मा ने गुरुवार को मीडिया, भारत के लोगों और मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का शुक्रिया अदा किया।
उन्होंने न्याय की लड़ाई में परिवार का साथ देने के लिए इन सभी का आभार व्यक्त किया। यह तब हुआ जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्विशा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी।
शर्मा ने कहा, "सबसे पहले मैं मीडिया के दोस्तों और सभी भारतीयों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा, जिन्होंने न्याय की इस लड़ाई में हमारा साथ दिया है। मैं भारत के मुख्य न्यायाधीश का भी शुक्रिया अदा करना चाहूंगा। इन सभी ने जरूरी कदम उठाए हैं और एक मिसाल कायम की है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।"
उन्होंने हाई कोर्ट के फैसले को अहम बताया और कहा कि इससे न्याय चाहने वाले लोगों में भरोसा बढ़ेगा।
उन्होंने आगे कहा, "हाई कोर्ट का फैसला बहुत अहम है। न्याय की लड़ाई में यह दूसरों के लिए भी एक मिसाल के रूप में काम करेगा।"
शर्मा ने दहेज से जुड़ी मौतों के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि इस मुद्दे को सुलझाने के लिए समाज को एकजुट होना होगा।
उन्होंने कहा, "आजकल दहेज से जुड़ी मौतें बहुत चिंता का विषय हैं। हमें इस समस्या से बाहर निकलना होगा।"
शर्मा ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पर भी भरोसा जताया और कहा कि उन्हें यकीन है कि एजेंसी इस मामले में निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव के जांच करेगी।
उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "मुझे सीबीआई पर पूरा भरोसा है। उन्होंने पहले भी कई मामलों को सुलझाया है, और मुझे यकीन है कि वे इस मामले में भी न्याय दिलाएंगे।"
इस बीच, दहेज से जुड़ी मौत के इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। सीबीआई ने रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह को उनकी बहू की कथित आत्महत्या के मामले में भोपाल स्थित उनके घर से हिरासत में लिया और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
सीबीआई की एक टीम, जिसके साथ भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था, दिन की शुरुआत में ही कटारा हिल्स इलाके में गिरिबाला सिंह के घर पहुंची। स्थानीय पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी थी और गिरफ्तारी की प्रक्रिया के दौरान आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी।