परमहंस आचार्य ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, योगी आदित्यनाथ को राम मंदिर ट्रस्ट का आजीवन सदस्य बनाने की मांग

अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने आग्रह किया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नए ट्रस्टियों की नियुक्ति पूरी सावधानी और पारदर्शिता के साथ की जाए, ताकि राम मंदिर की गरिमा और प्रतिष्ठा बनी रहे। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्रस्ट का आजीवन सदस्य बनाए जाने की मांग भी उठाई है।;

Update: 2026-07-12 12:40 GMT

अयोध्या। अयोध्या स्थित तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने आग्रह किया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में नए ट्रस्टियों की नियुक्ति पूरी सावधानी और पारदर्शिता के साथ की जाए, ताकि राम मंदिर की गरिमा और प्रतिष्ठा बनी रहे। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्रस्ट का आजीवन सदस्य बनाए जाने की मांग भी उठाई है।

परमहंस आचार्य ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पूरे विश्व के सनातनियों की आस्था का केंद्र है। इसलिए ट्रस्ट में किसी भी नई नियुक्ति से पहले सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार का विवाद या मंदिर की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली स्थिति पैदा न हो।

उन्होंने अपने पत्र में यह भी आग्रह किया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत, चंपत राय, अयोध्या के प्रमुख संत देवेंद्र प्रसादाचार्य तथा वैदेही वल्लभ शरण जैसे संतों को ट्रस्ट में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए।

परमहंस आचार्य ने इंडिया गठबंधन पर आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें ट्रस्ट को प्रभावित करने का प्रयास कर सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि अतीत में भी कुछ घटनाओं के जरिए राम मंदिर और सनातन परंपरा की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई है।

उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े लोग ट्रस्ट में अपने समर्थकों को शामिल कराने का प्रयास कर रहे हैं। इसी आशंका को देखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि ट्रस्ट की सदस्यता केवल योग्य, विश्वसनीय और धर्मपरायण व्यक्तियों को ही दी जाए।

परमहंस आचार्य ने कहा कि राम मंदिर केवल अयोध्या या भारत का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के सनातन समाज की आस्था का केंद्र है। इसलिए इसकी गरिमा, मर्यादा और पवित्रता को हर हाल में सुरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि अनुभवी और प्रतिष्ठित संतों को ट्रस्ट में स्थान मिलेगा तो भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या अव्यवस्था की संभावना कम होगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्रस्ट में आजीवन सर्वोच्च सदस्य बनाए जाने से मंदिर के प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि राम मंदिर की प्रतिष्ठा और विश्वभर के श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट की नई नियुक्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाए।


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