ग्रेटर नोएडा में हड़कंप : स्पा सेंटरों पर पुलिस की बड़ी छापेमारी
स्पा सेंटर में मसाज की आड़ में कथित देह व्यापार की सूचना पर शनिवार शाम बीटा-दो कोतवाली क्षेत्र के साइट-चार स्थित एक बिल्डिंग में पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने संयुक्त छापेमारी की;
देह व्यापार का बड़ा खुलासा: मसाज की आड़ में चल रहा गंदा खेल
- 30 युवक-युवतियां दबोचे गए: एएचटीयू और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
- आपत्तिजनक सामान बरामद: छापेमारी में कंडोम समेत कई चौंकाने वाले सबूत मिले
- महिला सुरक्षा अभियान: 28 महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया
- स्पा सेंटरों की लाइसेंस जांच: दस्तावेज खंगाले, कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा बीटा‑दो कोतवाली क्षेत्र के साइट‑चार स्थित बिल्डिंग में शनिवार शाम पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने संयुक्त छापेमारी कर स्पा सेंटरों की आड़ में चल रही संदिग्ध गतिविधियों का पर्दाफाश किया। इस दौरान करीब 20 युवतियों और 10 युवकों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूछताछ के बाद ही उनकी भूमिका तय होगी।
एसीपी प्रशाली गंगवार के नेतृत्व में छापेमारी
जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, आसपास मौजूद लोगों में अफरा‑तफरी मच गई। कई लोग वहां से निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने चार से पांच स्पा सेंटरों की घेराबंदी कर तलाशी शुरू कर दी। इस दौरान संचालन से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले गए।
देह व्यापार का संदेह
प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि मसाज की आड़ में देह व्यापार कराया जा रहा था। छापेमारी के दौरान कंडोम समेत आपत्तिजनक सामग्री मिलने की जानकारी सामने आई है। हिरासत में ली गई कई युवतियां पूछताछ में वहां मौजूद होने का संतोषजनक कारण नहीं बता सकीं।
पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए युवकों में कुछ ग्राहक हैं, जबकि कुछ स्पा सेंटर में काम करने वाले बताए जा रहे हैं। सभी को बीटा‑दो कोतवाली लाकर पूछताछ की जा रही है।
ऑपरेशन रक्षा अभियान
इस कार्रवाई में 28 महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया और 15 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन तथा डीसीपी महिला सुरक्षा सुनीति के पर्यवेक्षण में यह छापेमारी "ऑपरेशन रक्षा" अभियान के तहत की गई। एनजीओ की टीम ने भी सहयोग किया।
आगे की कानूनी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि स्पा सेंटरों की आड़ में होने वाली अवैध गतिविधियों, मानव तस्करी और महिलाओं के शोषण पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।