कानपुर बैंक विवाद: ठाकुर हूं मैं वाले वायरल वीडियो से मचा हंगामा, कर्मचारी आस्था सिंह की सामने आई सफाई

करीब 45 सेकंड के वायरल वीडियो में महिला कर्मचारी को एक व्यक्ति पर नाराजगी जताते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में वह ऊंची आवाज में बात करती दिखाई देती हैं और कथित तौर पर सामने खड़े व्यक्ति पर लैपटॉप फेंकने की कोशिश करती भी नजर आती हैं।

Update: 2026-02-10 05:45 GMT
कानपुर। Astha Singh Hdfc Bank Kanpur: कानपुर के पनकी इलाके में स्थित एक निजी बैंक शाखा का एक वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में एक महिला कर्मचारी को कथित तौर पर एक व्यक्ति से बहस करते हुए और गुस्से में “मैं ठाकुर हूं, मुझसे उलझना मत” कहते सुना जा सकता है। इस क्लिप के सामने आते ही मामला सुर्खियों में आ गया और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद संबंधित कर्मचारी आस्था सिंह का एक दूसरा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर अपनी सफाई पेश की है। बैंक प्रबंधन ने भी आधिकारिक तौर पर ऐसी किसी घटना से इनकार किया है।

वायरल वीडियो में क्या दिखा?

करीब 45 सेकंड के वायरल वीडियो में महिला कर्मचारी को एक व्यक्ति पर नाराजगी जताते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में वह ऊंची आवाज में बात करती दिखाई देती हैं और कथित तौर पर सामने खड़े व्यक्ति पर लैपटॉप फेंकने की कोशिश करती भी नजर आती हैं। सहकर्मी उन्हें शांत कराने का प्रयास करते दिखते हैं, लेकिन वह अपनी बात पर अड़ी रहती हैं। वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस व्यवहार को लेकर आलोचना शुरू हो गई। कई यूजर्स ने कार्यस्थल पर इस तरह की भाषा और आचरण को अनुचित बताया।

बैंक का पक्ष: घटना से इनकार

विवाद के बीच बैंक प्रबंधन ने इस तरह की किसी भी घटना से इनकार किया है। बैंक की ओर से कहा गया कि शाखा में किसी ग्राहक के साथ ऐसा व्यवहार नहीं हुआ। हालांकि, वायरल वीडियो के कारण मामला चर्चा में बना हुआ है और बैंक की आंतरिक जांच को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल बैंक की ओर से विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।



 


आस्था सिंह की सफाई: “वीडियो अधूरा है”

विवाद बढ़ने के बाद आस्था सिंह ने एक अलग वीडियो जारी कर अपनी बात रखी। उनका कहना है कि वायरल क्लिप अधूरी है और इसे “सोची-समझी साजिश” के तहत काटकर साझा किया गया है, ताकि उनकी छवि खराब की जा सके। आस्था के अनुसार, जिस व्यक्ति से उनकी बहस हो रही थी, वह बैंक का ग्राहक नहीं बल्कि बैंक की पूर्व कर्मचारी रितु त्रिपाठी के पति ऋषि त्रिपाठी थे। उन्होंने बताया कि रितु त्रिपाठी 6 जनवरी को बैंक में अपनी रिलीविंग प्रक्रिया पूरी करने आई थीं और उसी दौरान यह विवाद हुआ।

विवाद की वजह क्या थी?

आस्था सिंह के मुताबिक, रितु त्रिपाठी की रिलीविंग प्रक्रिया के दौरान कुछ औपचारिकताओं में समय लग रहा था। इसी बात पर उनके पति ऋषि त्रिपाठी नाराज हो गए और बैंक में आकर कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। आस्था का आरोप है कि ऋषि त्रिपाठी ने उनसे तीखे शब्दों में बात की और उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई। उनका कहना है कि जब एक महिला कर्मचारी के साथ इस तरह का व्यवहार किया गया, तब उन्होंने खुद का बचाव किया।



 


“मैं ठाकुर हूं” बयान पर सफाई

वीडियो में जाति का उल्लेख किए जाने पर आस्था सिंह ने सफाई दी है। उनका दावा है कि विवाद के दौरान ऋषि त्रिपाठी ने उनसे उनकी जाति पूछी थी और कथित तौर पर कहा था, “तुम कौन सी जात की हो जो इतनी अकड़ दिखा रही हो, मैं तुम्हारी सारी गर्मी निकाल दूंगा।” आस्था का कहना है कि जब उनसे इस तरह सवाल किया गया और धमकी दी गई, तब उन्होंने अपनी पहचान बताते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी जाति पर गर्व है और उन्होंने यह बात आत्मसम्मान के तहत कही थी। उनका यह भी कहना है कि अगर वह किसी अन्य जाति की होतीं और इस तरह जवाब देतीं, तो इसे साहस कहा जाता, लेकिन “ठाकुर” शब्द के इस्तेमाल के कारण इसे अलग नजरिए से देखा जा रहा है।

बाथरूम विवाद से शुरू हुआ मामला

आस्था सिंह ने यह भी दावा किया कि विवाद की जड़ उसी दिन सुबह हुई एक मामूली कहासुनी थी। उनके अनुसार, रितु त्रिपाठी की बहन के साथ बाथरूम के गेट को लेकर छोटी सी बहस हुई थी। आस्था का आरोप है कि उसी बात को लेकर बाद में ऋषि त्रिपाठी बैंक पहुंचे और खुद को “प्रेस से जुड़ा व्यक्ति” बताते हुए दबाव बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि शाखा के सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड है, जिससे यह स्पष्ट हो सकता है कि विवाद की शुरुआत किसने की थी।

सोशल मीडिया पर धमकियों का आरोप

वायरल वीडियो के बाद आस्था सिंह का कहना है कि उन्हें सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनके परिवार और चरित्र पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें गंभीर किस्म की धमकियां मिली हैं, जिससे वह मानसिक रूप से आहत हैं। आस्था ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगी और वीडियो को काटकर वायरल करने वाले व्यक्ति के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगी।

कानूनी कार्रवाई की तैयारी

आस्था सिंह के अनुसार, घटना वाले दिन ही उन्होंने बैंक प्रबंधन को ईमेल के जरिए पूरी जानकारी दे दी थी। अब वह न्याय के लिए कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी होने के नाते वह जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई उनके साथ दुर्व्यवहार करे या धमकाए।

जांच की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल इस पूरे मामले में आधिकारिक जांच या पुलिस कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक प्रबंधन और संबंधित पक्षों के बयानों के बाद यह मामला दो पक्षों के दावों और आरोपों तक सीमित है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने जहां एक ओर कार्यस्थल के आचरण पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर अधूरे वीडियो क्लिप्स के आधार पर निष्कर्ष निकालने की प्रवृत्ति पर भी बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद इस विवाद में क्या तथ्य सामने आते हैं और किस पक्ष की दलीलें सही साबित होती हैं।

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