'अब तक प्रकाशित नहीं हुई फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी', जनरल नरवणे की किताब पर पेंगुइन की सफाई

पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर मचे बवाल के बीच अब प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने सफाई दी है। पेंगुइन ने साफ कहा है कि- किताब के एकमात्र प्रकाशन अधिकार सिर्फ उनके पास हैं, लेकिन यह अब तक प्रकाशित ही नहीं हुई है।

Update: 2026-02-10 03:27 GMT

नई दिल्ली। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपना आधिकारिक बयान जारी किया है। प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया है कि इस किताब के एकमात्र प्रकाशन अधिकार उनके पास हैं, लेकिन यह किताब अब तक प्रकाशित ही नहीं हुई है। न तो इसकी कोई छपी हुई प्रति और न ही डिजिटल संस्करण (ई-बुक, पीडीएफ आदि) बाजार में जारी किया गया है।

किताब की कॉपी लीक होने पर सख्त रुख

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि अगर किताब की कोई प्रति, पूरी या आंशिक, किसी भी रूप में, ऑनलाइन या ऑफलाइन, किसी भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, तो वह कॉपीराइट का उल्लंघन है। ऐसे सभी मामलों में उस सामग्री का प्रसार तुरंत बंद किया जाना चाहिए। प्रकाशक ने यह भी साफ किया कि किताब के अवैध और अनधिकृत प्रसार के खिलाफ वे कानून के तहत उपलब्ध सभी कदम उठाएंगे। यह बयान इसलिए जारी किया गया है ताकि प्रकाशक की स्थिति को रिकॉर्ड पर साफ तौर पर रखा जा सके।

भाजपा ने राहुल-कांग्रेस पर साधा निशाना

पेंगुइन की तरफ से यह स्पष्टीकरण दिल्ली पुलिस द्वारा पांडुलिपि को डिजिटल और अन्य प्रारूपों में कथित रूप से अवैध रूप से प्रसारित करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने के बाद आया है। बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पिछले सप्ताह संसद परिसर में कथित तौर पर इस पुस्तक की एक प्रति लहराते हुए देखा गया था। वे 2 फरवरी से ही लोकसभा में इस संस्मरण के अंशों पर बोलना चाहते थे, लेकिन पुस्तक के अभी तक प्रकाशित न होने के कारण उन्हें लोकसभा अध्यक्ष ने ऐसा करने से रोक दिया था। वहीं इस मामले में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधा है।

दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया एफआईआर

वहीं किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के कथित रूप से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले में दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, इस पुस्तक को अभी संबंधित प्राधिकरणों से प्रकाशन की आवश्यक अनुमति नहीं मिली है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, अभी तक अनुमोदित न हुई किसी प्रकाशन सामग्री के कथित रिसाव या उल्लंघन की गहन जांच के लिए विशेष प्रकोष्ठ में मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।

किसी भी वर्जन में बेचा गया तो कॉपीराइट का उल्लंघन होगा

पब्लिशर ने एक बयान में कहा कि पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया यह साफ करना चाहता है कि हमारे पास भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के पब्लिशिंग के एकमात्र अधिकार हैं। हम यह साफ करना चाहते हैं कि किताब अभी पब्लिश नहीं हुई है।

पब्लिशर ने कहा कि कंपनी ने किताब की कोई भी कॉपी, प्रिंट या डिजिटल रूप में पब्लिश, डिस्ट्रीब्यूट, बेची या किसी भी तरह से जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है। पब्लिशर ने यह भी चेतावनी दी है कि किताब का कोई भी वर्जन जो अभी सर्कुलेशन में है, चाहे पूरा हो या आंशिक रूप से और किसी भी फॉर्मेट में, जिसमें प्रिंट, PDF या ऑनलाइन कॉपी शामिल हैं। अगर इनमें से किसी भी फॉर्मेट में है कॉपीराइट उल्लंघन माना जाएगा।

गलत प्रसार के लिए होगी कानूनी कार्रवाई

बयान में बताया गया कि किताब की कोई भी कॉपी जो अभी सर्कुलेशन में है। पूरी या फिर आंशिक रूप से, चाहे प्रिंट, डिजिटल, PDF, किसी अन्य फॉर्मेट में, ऑनलाइन या ऑफलाइन, किसी भी प्लेटफॉर्म पर, PRHI के कॉपीराइट का उल्लंघन है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके गलत प्रसार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अभी तक अप्रूव न हुई पब्लिकेशन के लीक या उल्लंघन की पूरी जांच करने के लिए स्पेशल सेल में एक मामला दर्ज किया गया है और जांच की जा रही है। पिछले हफ्ते संसद परिसर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को किताब की कॉपी दिखाते हुए देखा गया था। वह 2 फरवरी से लोकसभा में संस्मरण के अंश पढ़ना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया क्योंकि यह अभी तक पब्लिश नहीं हुई है।

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