राम मंदिर चंदा चोरी केस में चंपत राय की छुट्टी, ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी दिया इस्तीफा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख और विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि, संबंधित पक्षों की ओर से इस घटनाक्रम पर आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।;

Update: 2026-06-26 08:29 GMT

अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि दोनों ने अपना इस्तीफा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को सौंपा है। ट्रस्टी नृपेंद्र मिश्रा के हवाले से कहा गया है कि दोनों ने नैतिक आधार पर यह निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख और विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि, संबंधित पक्षों की ओर से इस घटनाक्रम पर आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।

एसआईटी की जांच के बीच दर्ज हुई एफआईआर

मामले की जांच के क्रम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर रामजन्मभूमि थाने में पहली एफआईआर दर्ज की गई है। प्राथमिकी में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जबकि अन्य अज्ञात व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एफआईआर में मंदिर व्यवस्था और नकदी प्रबंधन से जुड़े कई कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए हैं। जांच एजेंसियां आरोपितों की भूमिका, नकदी के प्रवाह और अन्य वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही हैं।

जांच का दायरा लगातार बढ़ा

एसआईटी कथित वित्तीय अनियमितताओं के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। जांच एजेंसी बैंक खातों, संपत्तियों, मोबाइल रिकॉर्ड और कथित लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ महत्वपूर्ण सिफारिशें की गई थीं, जिसके बाद जांच और तेज कर दी गई। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी भी स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

आठ नामजद आरोपितों पर कार्रवाई

प्राथमिकी में जिन आठ लोगों को नामजद किया गया है, उनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन सभी की भूमिका अलग-अलग स्तर पर जांच के दायरे में है। आरोप है कि कुछ लोग नकदी की गणना, निगरानी और संबंधित व्यवस्थाओं से जुड़े थे। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि कथित अनियमितताओं में किसकी क्या भूमिका रही।

गिरफ्तारी और रिमांड की तैयारी

जानकारी के अनुसार, गुरुवार देर रात रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उन्हें अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए रिमांड लेने की तैयारी की है। जांच एजेंसियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान बरामद दस्तावेजों, नकदी और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

प्राथमिकी में किन धाराओं के तहत मामला दर्ज

एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें संपत्ति की चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी या गबन की संपत्ति को छिपाने अथवा उसके निस्तारण में सहयोग, आपराधिक षड्यंत्र तथा सामूहिक रूप से अपराध करने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। इन धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर अपराध की प्रकृति के अनुसार कई वर्षों के कारावास से लेकर गंभीर मामलों में आजीवन कारावास तक का प्रावधान है।

जांच पूरी होने का इंतजार

राम मंदिर चढ़ावा मामले ने व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। फिलहाल जांच जारी है और एसआईटी विभिन्न साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपितों पर लगे आरोपों की पुष्टि अभी न्यायिक परीक्षण और जांच के बाद ही होगी।

मामले से जुड़े इस्तीफों, एफआईआर और गिरफ्तारियों के बीच अब सभी की नजर एसआईटी की विस्तृत रिपोर्ट और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित वित्तीय अनियमितताओं के लिए किस स्तर पर जवाबदेही तय होती है।

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