यूपी चुनाव से पहले महिलाओं पर योगी सरकार का बड़ा दांव! महिलाओं को मिल सकती है ₹50 हजार की मदद

महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने वाली योजनाओं का इस्तेमाल मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में चुनावी राजनीति के दौरान किया गया है। इन राज्यों में महिला केंद्रित योजनाओं को भाजपा की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया।;

Update: 2026-08-13 10:02 GMT

लखनऊ: UP Assembly elections 2027: उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार महिलाओं को लेकर बड़ी आर्थिक सहायता योजना पर विचार कर रही है। प्रस्तावित योजना के तहत 50 लाख से अधिक महिलाओं को कुल 50-50 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद दिए जाने की तैयारी की जा सकती है। हालांकि, योजना को लेकर अभी सरकार के स्तर पर मंथन चल रहा है और अंतिम फैसला होना बाकी है। प्रस्तावित व्यवस्था के मुताबिक, चुनाव से पहले पात्र महिलाओं को 20 हजार रुपये की शुरुआती किस्त दी जा सकती है। इसके बाद यदि चुनाव में भाजपा की सरकार बनती है, तो 10-10 हजार रुपये की तीन और किस्तें देने का प्रावधान किया जा सकता है। इस तरह लाभार्थी महिलाओं को कुल 50 हजार रुपये की सहायता मिलने की संभावना है।

महिला वोटबैंक पर सरकार की नजर

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल जनवरी-फरवरी के आसपास होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में सरकार की ओर से महिला मतदाताओं को ध्यान में रखकर आर्थिक सहायता, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं पर जोर देने की तैयारी बताई जा रही है। प्रस्तावित योजना को महिला कल्याण विभाग के माध्यम से आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ उन्हें स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना बताया जा रहा है।

किन महिलाओं को मिल सकता है लाभ?

योजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। प्रस्तावित ढांचे के मुताबिक, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति परिवारों की महिलाओं के साथ गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की महिलाओं को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को भी लाभ देने पर विचार किया जा रहा है, जिनकी वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं है। हालांकि, पात्रता की अंतिम शर्तें और लाभार्थियों की संख्या सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगी।

बिहार मॉडल से मिली योजना की प्रेरणा?

उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित योजना की चर्चा ऐसे समय हो रही है, जब भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव में महिलाओं को केंद्र में रखकर आर्थिक सहायता की रणनीति अपनाई थी। बिहार में चुनाव से पहले महिलाओं के बैंक खातों में सीधे आर्थिक मदद भेजी गई थी। इसके बाद भाजपा की नजर अब उत्तर प्रदेश पर बताई जा रही है। राजनीतिक रणनीतिकारों के मुताबिक, महिला मतदाता कई राज्यों में चुनावी नतीजों को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण वर्ग बन चुका है। ऐसे में सीधे आर्थिक लाभ देने वाली योजनाएं राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण चुनावी हथियार बन गई हैं।

मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र तक चला मॉडल

महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने वाली योजनाओं का इस्तेमाल मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में चुनावी राजनीति के दौरान किया गया है। इन राज्यों में महिला केंद्रित योजनाओं को भाजपा की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया। अब इसी तरह की पहल उत्तर प्रदेश में किए जाने की चर्चा है। सरकार से जुड़े लोगों का मानना है कि महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली योजना आगामी विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

स्वरोजगार से जोड़ने की भी तैयारी

प्रस्तावित योजना केवल नकद सहायता तक सीमित रखने के बजाय महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी इस्तेमाल किए जाने की संभावना है। सरकार का जोर महिला सहायता के साथ स्वरोजगार और आर्थिक स्वावलंबन पर बताया जा रहा है। यदि योजना को मंजूरी मिलती है, तो लाभार्थी महिलाओं को शुरुआती सहायता चुनाव से पहले मिल सकती है। इसके बाद बाकी राशि किस्तों में देने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इस मॉडल के जरिए सरकार महिलाओं को तत्काल आर्थिक राहत देने के साथ भविष्य में आय के साधन विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है।

चुनावी समीकरण पर कितना पड़ेगा असर?

उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक विधानसभा सीटों वाला राज्य है और यहां महिला मतदाताओं की भूमिका चुनावी नतीजों में अहम रहती है। ऐसे में 50 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की संभावित योजना का राजनीतिक असर भी महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, फिलहाल यह योजना विचार-विमर्श के स्तर पर है। लाभार्थियों की अंतिम संख्या, पात्रता, भुगतान की प्रक्रिया और किस्तों की शर्तों को लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। यदि योजना को मंजूरी मिलती है, तो विधानसभा चुनाव से पहले यह योगी सरकार की प्रमुख महिला-केंद्रित पहलों में शामिल हो सकती है।

Tags:    

Similar News