इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान की पहली पब्लिक स्पीच, कहा- 'Gen Z को नजरअंदाज करना नामुमकिन'

ओडिशा के संबलपुर से बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित किया;

Update: 2026-08-09 01:38 GMT

मंत्री पद मेरे लिए प्रतिष्ठा नहीं: धर्मेंद्र प्रधान

  • 20 करोड़ युवाओं के संकल्प से बदल सकता है देश
  • माता‑पिता और समाज युवाओं को समझें, सही दिशा दिखाएँ: प्रधान

भुवनेश्वर। ओडिशा के संबलपुर से बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जीएम यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित किया। इस्तीफे के बाद यह उनकी पहली सार्वजनिक स्पीच थी। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी यानी Gen Z एक ऐसी ताकत है जिसे कोई भी अनदेखा नहीं कर सकता।

प्रधान ने कहा कि समाज तेजी से बदल रहा है और युवाओं की सोच को समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी कहा था कि देश के करोड़ों युवाओं की उम्मीदों और संकल्प के सामने मंत्री पद की जिम्मेदारी बहुत छोटी है।

'मंत्री पद मेरे लिए प्रतिष्ठा नहीं'

प्रधान ने हल्के अंदाज़ में कहा कि Gen Z की जिद ने उन्हें मुश्किल में डाला, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि नई पीढ़ी का विरोध करने के बजाय उन्हें समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोग युवाओं को गुमराह करने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनके लिए मंत्री पद कभी प्रतिष्ठा का सवाल नहीं रहा।

युवाओं के संकल्प का ज़िक्र

प्रधान ने बताया कि 15 से 25 साल की उम्र के करीब 20 करोड़ युवा देश में हैं। अगर वे किसी चीज़ के लिए ठान लें, तो उनके संकल्प के सामने कोई भी जिम्मेदारी छोटी पड़ जाती है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है-हर दौर में युवाओं ने त्याग किया है और बदलाव की अगुवाई की है।

समाज की जिम्मेदारी

प्रधान ने माता-पिता, शिक्षकों और समाज से अपील की कि वे युवाओं की आलोचना करने के बजाय उन्हें समझें और सही दिशा दिखाएं। उन्होंने कहा कि भारत की तरक्की इस बात पर निर्भर करेगी कि हम अपनी युवा पीढ़ी को कितना सशक्त बनाते हैं और उन्हें अच्छे अवसरों की ओर कैसे मार्गदर्शन करते हैं।

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