ओडिशा: राष्ट्रीय पोषण माह में सीएम माझी का संदेश, बच्चों के पोषण में पिता भी बनें भागीदार
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बच्चों के सही पोषण और विकास को सुनिश्चित करने में पिता और परिवार के अन्य सदस्यों की ज्यादा भागीदारी की जरूरत पर जोर दिया।;
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को बच्चों के सही पोषण और विकास को सुनिश्चित करने में पिता और परिवार के अन्य सदस्यों की ज्यादा भागीदारी की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक बेहतर पोषण वाले ओडिशा के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।
माझी ने बारमुंडा के आंगनबाड़ी केंद्र में 'आंगन का उत्सव' और 9वें 'राष्ट्रीय पोषण माह' के राज्य-स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों के पोषण के स्तर को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों के जरिए पोषण पर केंद्रित कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों के पोषण को बेहतर बनाने की कोशिशों में पुरुषों सहित पूरे परिवार को शामिल कर रही है।
माझी ने कहा, "अलग-अलग कार्यक्रमों के बारे में जागरूकता और उनके सफल कार्यान्वयन के जरिए हम निश्चित रूप से ओडिशा को एक अच्छी तरह से पोषित राज्य बनाएंगे। सरकार एक अच्छी तरह से पोषित ओडिशा के लिए प्रतिबद्ध है।"
उन्होंने बताया कि 'पोषण माह' के दौरान पूरे राज्य में 46 लाख से ज्यादा गतिविधियां सफलतापूर्वक आयोजित की गईं और यह भी कहा कि आधार वेरिफिकेशन में ओडिशा ने देश में पहला स्थान हासिल किया।
माझी ने बच्चे के जीवन के शुरुआती 1,000 दिनों के महत्व पर जोर देते हुए बच्चों की देखभाल और पोषण में माताओं के साथ-साथ पिताओं और परिवार के अन्य सदस्यों की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने लोगों से एक स्वस्थ, समृद्ध और विकसित ओडिशा बनाने में योगदान देने की भी अपील की।
माझी ने राज्य में बच्चों के टीकाकरण को बढ़ाने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और शिशु व मातृ मृत्यु दर को काफी हद तक कम करने का श्रेय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को दिया। उन्होंने कहा कि ओडिशा, जहां कभी शिशु और मातृ मृत्यु दर बहुत अधिक थी, अब संतोषजनक स्थिति में पहुंच गया है।
उन्होंने महिलाओं के कल्याण के लिए शुरू की गई योजनाओं, जैसे सुभद्रा योजना, लखपति दीदी, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगल योजना का भी जिक्र किया और बताया कि राज्य के सालाना बजट का कम से कम 40 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं पर खर्च किया जाता है।
माझी ने कहा कि सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में पोस्ट-ग्रेजुएशन स्तर तक शिक्षा मुफ्त कर दी गई है और ग्रेजुएशन पूरा करने पर लड़कियों को 1 लाख रुपए मिलेंगे। स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में, उन्होंने बताया कि देश भर के चुने हुए निजी अस्पताल आयुष्मान भारत-गोपबंधु जन आरोग्य योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा दे रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान माझी ने आंगनबाड़ी के बच्चों को स्कूल किट बांटे और हेल्दी-फ़ूड प्रेजेंटेशन में हिस्सा लेने वाले पिताओं को सम्मानित किया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्र में परोसी जाने वाली 'तिरंगा थाली' और गर्म पके हुए भोजन का निरीक्षण किया और खुद बच्चों को खाना परोसा।
इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री प्रवति परिदा, एकामा-भुवनेश्वर के विधायक बाबू सिंह और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, बच्चे और उनके माता-पिता शामिल हुए।