दिल्ली में 13 मार्च काे किसानों की महापंचायत ​​​​​​​

किसानों की समस्याओं को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाने तथा कुछ अन्य मांगों को लेकर 13 मार्च को यहां संसद मार्ग पर महापंचायत आयोजित करेगा ।

Update: 2018-02-28 18:06 GMT

नयी दिल्ली। भारतीय किसान यूनियन किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य देने , किसानों की समस्याओं को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाने तथा कुछ अन्य मांगों को लेकर 13 मार्च को यहां संसद मार्ग पर महापंचायत आयोजित करेगा ।

यूनियन के महासचिव चौधरी राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह ने आज यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद किसानों की अार्थिक स्थिति बदतर हो गयी है और पिछले चार साल के दौरान किसानों की आत्महत्याओं में 42 प्रतिशत की वृद्धि हुयी है ।
उन्होंने कहा कि फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित करने की पद्धति दोषपूर्ण है और विश्वविद्यालयों में फसलों के उत्पादन में आने वाली लागत पर 50 प्रतिशत जोड़कर किसानों को दिया जाना चाहिए ।

उन्होंने कहा कि कृषि लागत एवं मूल्य आयोग जिस विधि से गेहूं का लागत मूल्य निर्धारित करता है उससे उसका लागत मूल्य 817 रुपये प्रति क्विंटल आता है जबकि कृषि विश्वविद्यालयों में यह मूल्य 2,350 रुपये प्रति क्विंटल बैठता ।

उन्होंने मोदी सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान किसानों को लागत मूल्य का डेढ गुुना देने का वादा किया गया था लेकिन चार साल पूरे होने के बावजूद इसे पूरा नहीं किया गया है ।

उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम कीमत पर किसानों से फसलें खरीदी जा रही हैं और राज्य सरकार चुपचाप है ।

 

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