ड्रोन, इलेक्ट्रिक मोटर युद्ध में सबको कर रहे तबाह; इस तकनीक पर चीन का दबदबा: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि चीन ने उत्पादन के क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है, जबकि अमेरिका, भारत और अधिकांश दुनिया उपभोग के क्षेत्र में खेल रही है। असली रोजगार उत्पादन में हैं, न कि आईटी जैसे उपभोग वाले क्षेत्रों में।

Update: 2026-03-07 10:59 GMT

तिरुवनंतपुरम। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने यूक्रेन युद्ध में ड्रोन के इस्तेमाल की अहमियत पर बातचीत की। तिरुवनंतपुरम के टेक्नो पार्क में आईटी समुदाय के साथ इंटरैक्टिव सेशन में उन्होंने कहा, 'यूक्रेन के युद्धक्षेत्र में ड्रोन की सर्कुलर मोशन से इंटरनल कम्बस्शन इंजन पूरी तरह तबाह हो रहे हैं, जबकि ईरान में सैन्य क्षेत्र बैटरी, ऑप्टिक्स और इलेक्ट्रिक मोटर की ओर बढ़ रहा है।

इन तकनीकों पर चीन का दबदबा है, जो भारत के लिए बड़ी चुनौती है।' राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि सही नीतियों और दूरदर्शिता के साथ भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सर्कुलर मोशन जैसी तकनीकों में चीन से मुकाबला कर सकता है, क्योंकि भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जो इस बदलाव को तेजी से अपना सकता है।

राहुल गांधी ने कहा कि चीन ने दुनिया में एक बेहतरीन और बेजोड़ औद्योगिक उत्पादन प्रणाली विकसित की है, लेकिन यह व्यवस्था जबरदस्ती वाली और गैर-लोकतांत्रिक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चीन ने उत्पादन के क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है, जबकि अमेरिका, भारत और अधिकांश दुनिया उपभोग के क्षेत्र में खेल रही है। असली रोजगार उत्पादन में हैं, न कि आईटी जैसे उपभोग वाले क्षेत्रों में। उन्होंने निराशा जताई कि भारत ने चीन को यह अवसर दे दिया।

तकनीकों पर चीन का दबदबा

नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि चीन की यह औद्योगिक प्रणाली अद्भुत है, लेकिन उसकी जबरदस्ती और गैर-लोकतांत्रिक प्रकृति भारत को पसंद नहीं। अगर भारत लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखते हुए मजबूत औद्योगिक उत्पादन प्रणाली बना सके, तो यह भारत और पूरी दुनिया के लिए बड़ी सेवा होगी। उन्होंने यूक्रेन-रूस युद्ध और पश्चिम एशिया के संघर्षों का जिक्र करते हुए बताया कि सैन्य शक्ति अब इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी की ओर बढ़ रही है। इन तकनीकों पर चीन का प्रभुत्व है।

भारत के लिए यह बड़ी चुनौती है, क्योंकि हम ही एकमात्र देश हैं जो आंतरिक दहन इंजन से इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी आधारित सर्कुलर मोबिलिटी में बड़े पैमाने पर बदलाव कर सकते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि सही नीतियों और दूरदर्शिता के साथ भारत चीन के साथ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में प्रतिस्पर्धा कर सकता है, जिससे लाखों नौकरियां पैदा होंगी।

चीन को अभी खुला रास्ता मिला हुआ है, लेकिन भारत के उभरने से उन्हें चिंता होनी चाहिए। राहुल गांधी ने भारत में बड़े व्यवसायों पर भी सवाल उठाए, जैसे अडानी और अंबानी, जो उत्पादन नहीं करते, बल्कि ऐसे उत्पाद बेचते हैं जो स्थानीय उत्पादन को नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने उत्पादन की मानसिकता विकसित करने की जरूरत बताई।

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