किसानों के आत्महत्या का कारण व्यक्तिगत समस्या

तमिलनाडु सरकार ने आज उच्चतम न्यायालय में पेश किये गये एक दस्तावेज में दावा किया कि राज्य के किसान सूखे के कारण आत्महत्याएं नहीं कर रहे हैं

Update: 2017-04-28 16:16 GMT

नयी दिल्ली| तमिलनाडु सरकार ने आज उच्चतम न्यायालय में पेश किये गये एक दस्तावेज में दावा किया कि राज्य के किसान सूखे के कारण आत्महत्याएं नहीं कर रहे हैं।
तमिलनाडु की ओर से शीर्ष अदालत को सौंपे गये जवाब में राज्य सरकार ने कहा कि सूखे के कारण राज्य का कोई भी किसान आत्महत्या नहीं किया है। राज्य सरकार ने किसानों की आत्महत्याओं के लिए उनके व्यक्तिगत कारणों को जिम्मेदार ठहराया है।

तमिलनाडु सरकार का यह जवाब न्यायालय के 13 अप्रैल के आदेश के मद्देनजर आया है, जिसने किसानों की आत्महत्याओं के मुद्दे पर विस्तृत जवाब के लिए राज्य सरकार को दो सप्ताह का समय दिया था। गौरतलब है कि न्यायालय ने राज्य में किसानों की स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किये जाने को लेकर तमिलनाडु सरकार को कड़ी फटकार लगायी थी।

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