टी20 विश्व कप 2026: खराब फॉर्म में अभिषेक शर्मा, गावस्कर ने दी संयम की सलाह
गावस्कर का मानना है कि अभिषेक पर उम्मीदों का बोझ साफ दिखाई दे रहा है और उन्हें शुरुआत में बड़े शॉट खेलने के बजाय अपनी पारी को संवारने पर ध्यान देना चाहिए।
नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का बल्ला अब तक खामोश रहा है। 25 वर्षीय इस आक्रामक ओपनर ने टूर्नामेंट के शुरुआती तीन मुकाबलों में खाता तक नहीं खोला है। लगातार तीन शून्य के बाद उनकी फॉर्म और मानसिक स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने उन्हें धैर्य और समझदारी से खेलने की सलाह दी है। गावस्कर का मानना है कि अभिषेक पर उम्मीदों का बोझ साफ दिखाई दे रहा है और उन्हें शुरुआत में बड़े शॉट खेलने के बजाय अपनी पारी को संवारने पर ध्यान देना चाहिए।
तीन मैच, तीन बार शून्य
अभिषेक शर्मा की खराब शुरुआत यूएसए के खिलाफ मुकाबले से हुई, जहां वह ‘गोल्डन डक’ का शिकार बने। इसके बाद पाकिस्तान और नीदरलैंड के खिलाफ भी वह बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। तीनों ही मैचों में वह पहले ओवर में आउट हुए, जिससे टीम को शुरुआती झटका लगा। एक सलामी बल्लेबाज के रूप में उनकी भूमिका पावरप्ले का फायदा उठाकर टीम को तेज शुरुआत देने की है, लेकिन फिलहाल वह खुद को लय में नहीं ला पा रहे हैं। लगातार असफलताओं ने उन पर दबाव और बढ़ा दिया है, खासकर तब जब टीम प्रबंधन और फैंस उनसे आक्रामक शुरुआत की उम्मीद कर रहे हों।
गावस्कर की सलाह: “पहले क्रीज पर समय बिताओ”
‘स्टार स्पोर्ट्स’ पर बातचीत करते हुए सुनील गावस्कर ने अभिषेक की बल्लेबाजी पर विस्तार से टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “अभिषेक शर्मा एक अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन उन पर उम्मीदों का दबाव साफ नजर आ रहा है। अगर उन्होंने यूएसए के खिलाफ अच्छी शुरुआत की होती तो बात अलग होती। अब उनसे लंबे छक्के लगाने और टीम के शीर्ष बल्लेबाज की भूमिका निभाने की अपेक्षा की जा रही है।” गावस्कर ने स्पष्ट किया कि अभिषेक को अपनी शॉट रेंज पर भरोसा रखते हुए संयम से खेलना चाहिए। कहा, “अपनी शॉट रेंज को देखते हुए उन्हें क्रीज पर समय बिताने की जरूरत है। वह पारी की पहली ही गेंद पर बाउंड्री या छक्का मारने की कोशिश नहीं कर सकते। अगर बड़े शॉट स्वाभाविक रूप से लगते हैं तो ठीक है, लेकिन खुद को जबरन बड़े शॉट खेलने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए।” पूर्व कप्तान के मुताबिक, शुरुआती कुछ ओवरों में टिककर खेलने से बल्लेबाज का आत्मविश्वास लौट सकता है।
“सिंगल से शुरुआत करो”
गावस्कर ने बल्लेबाजी की बुनियादी बातों पर जोर देते हुए कहा कि हर बल्लेबाज के लिए पहला रन बेहद अहम होता है। “एक सिंगल लेकर शुरुआत करो। चार डॉट गेंदें भी मायने नहीं रखतीं। वह बाद में इसकी भरपाई कर सकते हैं। उन्हें समझदारी से खेलने की जरूरत है। कुछ समय क्रीज पर जमने में बिताएं और फिर अपना नैचुरल गेम खेलें। सबसे पहले, बस शुरुआत करें। हर बल्लेबाज अपना पहला रन बनाना चाहता है। एक बार वह रन बन जाएगा, तो चीजें आसान हो जाएंगी।” गावस्कर की यह सलाह बताती है कि टी20 जैसे तेज फॉर्मेट में भी धैर्य और तकनीकी मजबूती उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी आक्रामकता।
उम्मीदों का दबाव या रणनीतिक चूक?
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अभिषेक शर्मा को टीम में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए चुना गया है। आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में उन्होंने कई बार तेज पारियां खेलकर अपनी पहचान बनाई है। हालांकि, विश्व कप जैसे बड़े मंच पर हालात अलग होते हैं। विपक्षी टीमों ने उनके खिलाफ विशेष रणनीति अपनाई है। नई गेंद से सटीक लाइन-लेंथ और फील्ड सेटिंग ने उन्हें खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि अभिषेक शुरुआती ओवर में जोखिम भरे शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो रहे हैं, जबकि उन्हें हालात के अनुसार खुद को ढालने की जरूरत है।
कोच का भरोसा बरकरार
लगातार तीन असफलताओं के बावजूद टीम मैनेजमेंट ने अभिषेक शर्मा पर भरोसा जताया है। भारतीय टीम के असिस्टेंट कोच रेयान टेन डेशकाटे ने उनकी वापसी की क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, “उन्होंने कल रात नेट्स में बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। करीब 90 मिनट तक बल्लेबाजी की। आपको उन्हें थोड़ा समय देना होगा। ग्रुप फेज में वह पूरी तरह सहज महसूस नहीं कर रहे थे और कुछ दिन अस्पताल में रहने के कारण नामीबिया के खिलाफ मैच भी नहीं खेल सके।”
डेशकाटे ने आगे कहा, “यह अब तक उनके लिए निराशाजनक टूर्नामेंट रहा है, लेकिन नेट्स में उनकी गेंद पर पकड़ और स्ट्राइकिंग देखकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। हमें उन्हें लेकर कोई चिंता नहीं है। दूसरे चरण में वह बेहतर प्रदर्शन करेंगे।” कोच के इस बयान से साफ है कि टीम प्रबंधन फिलहाल उन्हें ड्रॉप करने के मूड में नहीं है।
दूसरे चरण में परीक्षा
टी20 विश्व कप अब अपने अहम चरण में प्रवेश कर रहा है। सुपर-8 या नॉकआउट दौर में हर रन की कीमत बढ़ जाती है। ऐसे में अभिषेक शर्मा के लिए आने वाले मुकाबले निर्णायक साबित हो सकते हैं। अगर वह शुरुआती दबाव से उबरकर एक ठोस पारी खेलते हैं, तो न सिर्फ उनका आत्मविश्वास लौटेगा बल्कि टीम को भी मजबूती मिलेगी। भारत की बल्लेबाजी क्रम में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन युवा खिलाड़ियों की भूमिका भी उतनी ही अहम है। अभिषेक से उम्मीद है कि वह अपनी प्राकृतिक आक्रामकता और संयम के बीच संतुलन बनाकर टीम को तेज शुरुआत देंगे।
संयम ही सफलता की कुंजी
अभिषेक शर्मा के लिए यह समय आत्ममंथन और धैर्य का है। टी20 फॉर्मेट में जहां हर गेंद पर रन बनाने का दबाव रहता है, वहीं एक बल्लेबाज के लिए मानसिक संतुलन सबसे बड़ी ताकत होती है। सुनील गावस्कर की सलाह “सिंगल से शुरुआत करो” दरअसल क्रिकेट की मूल भावना को दर्शाती है। पहले खुद को स्थापित करो, फिर खेल पर नियंत्रण पाओ। अब देखना यह है कि युवा सलामी बल्लेबाज आने वाले मैचों में इस सलाह को कितनी गंभीरता से अपनाते हैं और क्या वह अपनी लय वापस पाने में सफल होते हैं। भारत के अभियान की सफलता में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।