T 20 World Cup 2026: भारत ने नीदरलैंड को 17 रन से हराया, दुबे की वर्ल्डकप में पहली फिफ्टी, ग्रुप चरण में अजेय रहा
ऐसे समय में शिवम दुबे ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 31 गेंदों में 66 रन की शानदार पारी खेली। अपनी इस पारी में दुबे ने छह छक्के और चार चौके लगाए। यह उनके टी20 करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी मानी जा रही है।
अहमदाबाद। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम का विजयी अभियान जारी है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए ग्रुप ए मुकाबले में भारत ने नीदरलैंड को 17 रन से हराकर लगातार चौथी जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही गत चैंपियन भारत ने ग्रुप चरण का अंत अजेय रहते हुए किया और सुपर आठ में मजबूत दावेदारी के साथ प्रवेश किया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में छह विकेट पर 193 रन बनाए। जवाब में नीदरलैंड की टीम निर्धारित ओवरों में सात विकेट पर 176 रन ही बना सकी। यह टी20 विश्व कप में भारत की लगातार 12वीं जीत है। टीम 2024 से इस टूर्नामेंट में अजेय बनी हुई है।
दुबे का धमाका, संकट से उबरा भारत
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा एक बार फिर फ्लॉप रहे और तीन गेंद खेलकर खाता खोले बिना पवेलियन लौट गए। शुरुआती झटकों के बाद टीम दबाव में नजर आई और 110 रन पर चार विकेट गंवा चुकी थी। ऐसे समय में शिवम दुबे ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 31 गेंदों में 66 रन की शानदार पारी खेली। अपनी इस पारी में दुबे ने छह छक्के और चार चौके लगाए। यह उनके टी20 करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी मानी जा रही है।
दुबे को हार्दिक पांड्या का अच्छा साथ मिला। पांड्या ने 21 गेंदों में 30 रन बनाए, जिसमें तीन छक्के शामिल थे। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 35 गेंदों में 76 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। अंतिम पांच ओवरों में भारत ने 75 रन जोड़े, जिससे स्कोर 193 तक पहुंच सका। नीदरलैंड की ओर से तेज गेंदबाज लोगान वान बीक ने 56 रन देकर तीन विकेट लिए। ऑफ स्पिनर आर्यन दत्त ने किफायती गेंदबाजी करते हुए 19 रन देकर दो विकेट झटके।
वरुण चक्रवर्ती की फिरकी का जादू
194 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड की टीम ने धीमी शुरुआत की। पावरप्ले में टीम ने एक विकेट पर 36 रन बनाए। मैक्स ओडौउड (20) को छठे ओवर में वरुण चक्रवर्ती ने बोल्ड कर भारत को पहली सफलता दिलाई। सलामी बल्लेबाज माइकल लेविट (24) ने कुछ आकर्षक शॉट खेले, लेकिन हार्दिक पांड्या की गेंद पर डीप मिडविकेट पर कैच दे बैठे। कॉलिन एकरमैन (23) और बास डि लीडे (33) ने कुछ देर तक पारी संभालने की कोशिश की। डि लीडे ने सबसे ज्यादा 33 रन बनाए।
मुकाबले के अंतिम चरण में नोह क्रोस (12 गेंद में नाबाद 25) और जैक लियोन कैशे (16 गेंद में 26) ने सातवें विकेट के लिए 23 गेंदों में 47 रन जोड़कर उम्मीद जगाई, लेकिन लक्ष्य काफी बड़ा साबित हुआ।
भारत की ओर से वरुण चक्रवर्ती सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने तीन विकेट लेकर नीदरलैंड की पारी की कमर तोड़ दी। जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे को एक-एक विकेट मिला।
फील्डिंग में दिखी कमजोरी
हालांकि भारत ने मैच जीत लिया, लेकिन फील्डिंग को लेकर टीम प्रबंधन चिंतित होगा। कप्तान सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा ने आसान कैच छोड़े। इससे विपक्षी टीम को अतिरिक्त जीवनदान मिला। टूर्नामेंट के अगले चरण में ऐसी गलतियां भारी पड़ सकती हैं। बल्लेबाजी में भी शीर्ष क्रम का संघर्ष जारी रहा। मध्यक्रम की जिम्मेदारी एक बार फिर दुबे और पांड्या को संभालनी पड़ी। टीम प्रबंधन को सुपर आठ से पहले इन पहलुओं पर काम करना होगा।
प्लेइंग इलेवन में बदलाव
इस मुकाबले में भारत ने प्लेइंग इलेवन में दो बदलाव किए। कुलदीप यादव की जगह अर्शदीप सिंह की वापसी हुई। वहीं, अक्षर पटेल को आराम देकर वॉशिंगटन सुंदर को पहली बार इस विश्व कप में मौका दिया गया। सुंदर ने गेंदबाजी और फील्डिंग में योगदान दिया, हालांकि उन्हें बल्लेबाजी का ज्यादा मौका नहीं मिला।
ग्रुप ए में शीर्ष पर भारत
ग्रुप ए से भारत और पाकिस्तान ने सुपर आठ के लिए क्वालिफाई किया। भारत ने अपने चारों मुकाबले जीतकर आठ अंक हासिल किए और तालिका में शीर्ष स्थान पर रहा। पाकिस्तान ने चार में से तीन मैच जीते और एक में हार का सामना किया, जिससे उसके छह अंक रहे। अमेरिका, नीदरलैंड और नामीबिया का अभियान ग्रुप चरण में ही समाप्त हो गया। नामीबिया को अपने सभी मुकाबलों में हार झेलनी पड़ी।
सुपर आठ में दक्षिण अफ्रीका से भिड़ंत
भारतीय टीम अब सुपर आठ चरण में प्रवेश कर चुकी है। उसका अगला मुकाबला इसी मैदान पर रविवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होगा। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए भारत आत्मविश्वास से भरा नजर आ रहा है, लेकिन मजबूत विरोधियों के खिलाफ उसे हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
अजेय अभियान बरकरार
भारत का यह प्रदर्शन दर्शाता है कि टीम संतुलित है और मुश्किल परिस्थितियों से उबरने की क्षमता रखती है। शिवम दुबे के ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देकर उन्होंने टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। लगातार 12वीं जीत और ग्रुप चरण में अजेय रहते हुए भारत ने यह संदेश दिया है कि वह खिताब बचाने के इरादे से मैदान में उतरा है। अब सबकी निगाहें सुपर आठ के मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां असली परीक्षा शुरू होगी।