कोलंबो/ कराची। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर शादाब खान अपने एक बयान को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की नाराजगी का सामना कर रहे हैं। नामीबिया के खिलाफ मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए उनके बयान को बोर्ड ने अनुचित करार दिया है। शादाब ने कहा था कि “जो हमने किया, वो दिग्गज भी नहीं कर सके,” और 2021 टी-20 विश्व कप में भारत पर पाकिस्तान की जीत का जिक्र किया था। PCB ने इस टिप्पणी को पूर्व खिलाड़ियों के प्रति असम्मानजनक मानते हुए टीम मैनेजर के जरिए शादाब को चेतावनी दी है और भविष्य में भाषा पर संयम रखने की हिदायत दी है।
क्या था पूरा मामला?
यह विवाद 18 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ मुकाबले के बाद शुरू हुआ। इस मैच में शादाब खान ने 36 रन बनाने के साथ 3 विकेट भी लिए और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनसे पूर्व खिलाड़ियों द्वारा की जा रही आलोचना पर सवाल पूछा गया। जवाब में शादाब ने कहा, “आलोचना क्रिकेट के इतिहास का हिस्सा है। पूर्व क्रिकेटर्स की अपनी राय है। वे दिग्गज थे, लेकिन हमने जो किया, वे नहीं कर सके। हमने वर्ल्ड कप में भारत को हराया है।” उनका इशारा 2021 टी-20 विश्व कप में भारत पर पाकिस्तान की ऐतिहासिक जीत की ओर था। यह वही मुकाबला था जिसमें पाकिस्तान ने पहली बार किसी विश्व कप मैच में भारत को हराया था।
भारत-पाकिस्तान विश्व कप रिकॉर्ड
2021 की टी-20 विश्व कप जीत पाकिस्तान क्रिकेट इतिहास का अहम अध्याय मानी जाती है। इससे पहले विश्व कप मुकाबलों में पाकिस्तान भारत को कभी नहीं हरा पाया था। वनडे विश्व कप में पाकिस्तान भारत से आठ बार हार चुका है। वहीं टी-20 विश्व कप में भी भारत के खिलाफ उसका रिकॉर्ड कमजोर रहा है- आठ हार और केवल एक जीत। हाल ही में 2026 टी-20 विश्व कप में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराया था, जिससे दोनों टीमों की प्रतिद्वंद्विता फिर चर्चा में आई। ऐसे में शादाब का बयान सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में तेजी से वायरल हो गया।
PCB की प्रतिक्रिया: ‘सीमाएं लांघी’
PCB ने इस बयान को गंभीरता से लिया। बोर्ड ने टीम मैनेजर नवीद चीमा के माध्यम से शादाब खान को संदेश भिजवाया। चीमा ने फोन पर शादाब से बात कर स्पष्ट किया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मर्यादा की सीमा लांघी है। शादाब को यह भी याद दिलाया गया कि उनके ससुर और पूर्व दिग्गज स्पिनर सकलैन मुश्ताक समेत सभी पूर्व खिलाड़ी पाकिस्तान क्रिकेट के स्तंभ रहे हैं और सम्मान के पात्र हैं। बोर्ड ने साफ किया कि खिलाड़ियों को सार्वजनिक मंच पर ऐसी भाषा से बचना चाहिए जिससे पूर्व खिलाड़ियों या संस्थान की छवि प्रभावित हो।
सकलैन मुश्ताक भी नाखुश
सूत्रों के अनुसार, शादाब के ससुर और पूर्व महान स्पिनर सकलैन मुश्ताक भी इस बयान से खुश नहीं हैं। सकलैन पाकिस्तान क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल स्पिनरों में गिने जाते हैं और लंबे समय तक टीम के कोचिंग स्टाफ का भी हिस्सा रहे हैं। PCB ने अप्रत्यक्ष रूप से यह संदेश दिया है कि व्यक्तिगत भावनाओं या आलोचना के जवाब में दिए गए बयान संस्थागत गरिमा को प्रभावित नहीं करने चाहिए।
पूरी टीम को दी गई नसीहत
PCB ने सिर्फ शादाब को ही नहीं, बल्कि पूरी टीम को सावधानी बरतने की सलाह दी है। टीम मैनेजर को निर्देश दिए गए हैं कि सभी खिलाड़ियों को मीडिया से बातचीत के दौरान संयम बरतने और अपने बयान को केवल मैच व प्रदर्शन तक सीमित रखने के लिए कहा जाए। बोर्ड ने संकेत दिया है कि अगर भविष्य में कोई खिलाड़ी मर्यादा का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल ने भी शादाब के बयान को “गैरजरूरी” बताते हुए कहा कि दिग्गजों के खिलाफ बोलते समय खिलाड़ियों को सतर्क रहना चाहिए।
मीडिया इंटरैक्शन पर सख्ती
इस पूरे विवाद के बाद पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट मीडिया से बातचीत को लेकर और सतर्क हो गया है। भारत के साथ अहम मुकाबले से दो दिन पहले तक किसी भी खिलाड़ी को मीडिया के सामने नहीं भेजा गया था। नामीबिया के खिलाफ मैच से पहले उस्मान तारिक से जब भारत के खिलाफ उनकी संभावित गेंदबाजी को लेकर सवाल पूछा गया, तो मीडिया मैनेजर नईम गिलानी ने उन्हें जवाब देने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर हेड कोच माइक हेसन पहले ही अपनी बात रख चुके हैं। यह घटनाक्रम दिखाता है कि टीम मैनेजमेंट फिलहाल अनावश्यक विवादों से बचने की रणनीति अपना रहा है।
क्रिकेट और बयानबाजी का संतुलन
क्रिकेट जैसे भावनात्मक खेल में भारत-पाकिस्तान मुकाबले का विशेष महत्व होता है। ऐसे में खिलाड़ियों के बयान अक्सर सुर्खियों में आ जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि युवा खिलाड़ियों को मीडिया से संवाद करते समय शब्दों का चयन सावधानी से करना चाहिए, खासकर जब बात पूर्व दिग्गजों की हो। शादाब खान पाकिस्तान टीम के अहम ऑलराउंडर हैं और उनसे भविष्य में नेतृत्व की भी उम्मीद की जाती है। ऐसे में PCB का यह कदम टीम अनुशासन और संस्थागत सम्मान बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
ऐसी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं
फिलहाल PCB ने शादाब के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है, लेकिन स्पष्ट संदेश दे दिया है कि भविष्य में ऐसी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि शादाब इस विवाद के बाद सार्वजनिक रूप से कोई सफाई देते हैं या नहीं। हालांकि इतना तय है कि पाकिस्तान टीम अब मैदान के साथ-साथ माइक्रोफोन के सामने भी ज्यादा सतर्क रहने की कोशिश करेगी।