पाकिस्तान हॉकी के कप्तान अम्माद शकील बट पर दो साल का प्रतिबंध, ऑस्ट्रेलिया दौरे की अव्यवस्थाओं पर उठाए सवाल, PHF अध्यक्ष भी का इस्तीफा

अम्माद शकील बट ने हालिया एफआईएच प्रो लीग के तहत ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटने के बाद राष्ट्रीय महासंघ की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दौरे के दौरान खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलीं।

Update: 2026-02-19 13:09 GMT

इस्लामाबाद। पाकिस्तान हॉकी में बड़ा विवाद सामने आया है। राष्ट्रीय टीम के कप्तान अम्माद शकील बट को दो साल के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हॉकी से प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) के अध्यक्ष तारिक बुगती ने की। हालांकि, इस फैसले के कुछ ही समय बाद बुगती ने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया। पूरा विवाद ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान टीम को झेलनी पड़ी कथित अव्यवस्थाओं को लेकर शुरू हुआ, जिन पर कप्तान बट ने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे।

क्या ‘सच बोलने’ की मिली सजा?

अम्माद शकील बट ने हालिया एफआईएच प्रो लीग के तहत ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटने के बाद राष्ट्रीय महासंघ की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दौरे के दौरान खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिलीं। बट ने कहा कि टीम को होटल में बुकिंग न होने के कारण सड़कों पर भटकना पड़ा। इतना ही नहीं, मैच खेलने से पहले खिलाड़ियों को रसोई साफ करनी पड़ी और बर्तन धोने पड़े। उनके इन बयानों के बाद PHF अध्यक्ष तारिक बुगती ने उन पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया। बुगती ने कहा कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बुगती का इस्तीफा, पीएम को भेजा पत्र

तारिक बुगती ने प्रतिबंध लगाने के साथ ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और PHF के मुख्य संरक्षक शहबाज शरीफ को भेज दिया है। बुगती ने बयान में कहा, “मैं प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से अनुरोध करता हूं कि वे ऑस्ट्रेलिया में एफआईएच प्रो लीग के दौरान हुई पूरी स्थिति की निष्पक्ष जांच कराएं।” हालांकि, जब उनसे पाकिस्तान खेल बोर्ड (PSB) द्वारा जारी धनराशि के उपयोग पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

होटल बुकिंग और एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार

कप्तान बट के मुताबिक, टीम को सिडनी एयरपोर्ट पर 13-14 घंटे तक इंतजार करना पड़ा, क्योंकि कैनबरा के लिए अगली उड़ान में देरी थी। सबसे गंभीर आरोप यह था कि जब टीम एफआईएच प्रो लीग मैचों से पहले अपने होटल पहुंची, तो उन्हें बताया गया कि उनकी कोई बुकिंग नहीं है। होटल प्रबंधन का कहना था कि अग्रिम भुगतान नहीं किया गया। बट ने यह भी दावा किया कि टीम को 13 दिन रुकना था, लेकिन केवल 10 दिन के लिए बुकिंग की गई थी। बाद में खिलाड़ियों को एक सस्ते होटल में शिफ्ट होना पड़ा।

डेली अलाउंस का भी आरोप

अम्माद बट ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकांश खिलाड़ियों को पिछले एक वर्ष से पाकिस्तान खेल बोर्ड और PHF से उनका दैनिक भत्ता (डेली अलाउंस) नहीं मिला है। सरकारी स्वामित्व वाले पाकिस्तान खेल बोर्ड (PSB) ने दावा किया कि उसने ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए होटल व्यवस्था हेतु PHF को एक करोड़ पाकिस्तानी रुपये से अधिक की राशि जारी की थी। इसके बाद PHF की कार्यप्रणाली पर सवाल और गहरे हो गए।

पीएसबी और PHF आमने-सामने

इस मामले में पाकिस्तान खेल बोर्ड और पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। बुगती ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया दौरे के सारे इंतजाम पीएसबी ने किए थे और यदि कहीं चूक हुई है तो उसकी जिम्मेदारी बोर्ड की है। वहीं, पीएसबी का कहना है कि उसने पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई थी और व्यवस्थाओं में खामी PHF की ओर से रही। पीएसबी के महानिदेशक नूर उस सबाह ने मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

कप्तान का बगावत का एलान

अम्माद शकील बट ने कहा था, “हम मौजूदा प्रबंधन के रहते हुए खेलना जारी नहीं रख सकते। जब खिलाड़ियों को मैच से पहले रसोई साफ करनी पड़े और बर्तन धोने पड़ें, तो अच्छे परिणाम की उम्मीद कैसे की जा सकती है?” उनके इस बयान को पाकिस्तान हॉकी में खुले विद्रोह के रूप में देखा गया।

मुख्य कोच की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान टीम के मुख्य कोच ताहिर जमां ने भी इस्तीफे की पेशकश की, हालांकि उन्होंने कुछ खिलाड़ियों पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाया। उनका कहना था कि कप्तान समेत कुछ खिलाड़ियों ने अन्य साथियों के साथ अपशब्द कहे, जिससे टीम का प्रदर्शन प्रभावित हुआ। ऑस्ट्रेलिया दौरे में पाकिस्तान टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। टीम अपने सभी आठ मैच हारकर नौ टीमों में अंतिम स्थान पर रही। अब पाकिस्तान को विश्व कप के अंतिम क्वालिफाइंग टूर्नामेंट के लिए मिस्र जाना है, जहां उसके सामने नई चुनौती होगी।

साख पर सवाल

पाकिस्तान हॉकी, जो कभी विश्व स्तर पर प्रभुत्व रखती थी, पिछले कुछ वर्षों से लगातार गिरावट का सामना कर रही है। प्रशासनिक अव्यवस्थाएं, वित्तीय संकट और टीम के प्रदर्शन में गिरावट ने इस खेल की साख को प्रभावित किया है। अम्माद बट पर लगाया गया प्रतिबंध और PHF अध्यक्ष का इस्तीफा इस संकट को और गहरा करता दिखाई दे रहा है।

रिपोर्ट पर टिकी नजर

प्रधानमंत्री द्वारा जांच के आदेश के बाद अब सबकी नजर रिपोर्ट पर टिकी है। यदि जांच में वित्तीय या प्रशासनिक गड़बड़ी सामने आती है, तो पाकिस्तान हॉकी में बड़े बदलाव संभव हैं। फिलहाल, कप्तान अम्माद शकील बट का दो साल का प्रतिबंध लागू है, जबकि संघ का नेतृत्व अस्थिर स्थिति में है। यह पूरा घटनाक्रम पाकिस्तान हॉकी प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जांच रिपोर्ट क्या निष्कर्ष निकालती है और क्या इससे पाकिस्तान हॉकी की दिशा में कोई सकारात्मक बदलाव आता है।

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