T20 World Cup 2026: श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से रौंदा, कंगारू टीम बाहर होने की कगार पर

श्रीलंका की जीत के हीरो पथुम निसंका रहे, जिन्होंने 52 गेंदों पर नाबाद 100 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में 10 चौके और 5 छक्के शामिल थे। यह इस टूर्नामेंट का पहला शतक भी रहा।

Update: 2026-02-16 21:28 GMT
पल्लेकेले। टी-20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया को सोमवार को एक और बड़ा झटका लगा। ग्रुप-बी के मुकाबले में श्रीलंका ने उसे 8 विकेट से हराकर सुपर-8 में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली, जबकि ऑस्ट्रेलियाई टीम का टूर्नामेंट से बाहर होना तय माना जा रहा है। अब उसकी किस्मत काफी हद तक जिम्बाब्वे के प्रदर्शन पर निर्भर है।

टॉस जीतकर श्रीलंका ने चुनी गेंदबाजी

पल्लेकेले अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। ऑस्ट्रेलिया ने निर्धारित 20 ओवरों में 181 रन बनाए, लेकिन पूरी टीम ऑलआउट हो गई। जवाब में श्रीलंका ने 182 रन का लक्ष्य सिर्फ 18 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया।

निसंका का शतक बना जीत की कुंजी

श्रीलंका की जीत के हीरो पथुम निसंका रहे, जिन्होंने 52 गेंदों पर नाबाद 100 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में 10 चौके और 5 छक्के शामिल थे। यह इस टूर्नामेंट का पहला शतक भी रहा। निसंका ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। कुसल मेंडिस ने भी 38 गेंदों पर 51 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। दोनों ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए मजबूत साझेदारी की और टीम को जीत की राह पर ला खड़ा किया। अंत में पवन रत्नायके ने चौका लगाकर मैच समाप्त किया।

श्रीलंका को शुरुआती झटका, फिर दमदार वापसी

182 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका को दूसरे ओवर में ही पहला झटका लगा। टीम का स्कोर 8 रन था, जब कुसल परेरा 1 रन बनाकर आउट हो गए। उन्हें मार्कस स्टोयनिस ने कैच कराया। इसके बाद निसंका और मेंडिस ने पारी संभाली। दोनों ने संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाते हुए टीम का स्कोर 100 के पार पहुंचाया। मेंडिस के आउट होने के बाद भी निसंका ने जिम्मेदारी निभाई और पवन रत्नायके के साथ मिलकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से स्टोयनिस को 2 विकेट मिले, लेकिन अन्य गेंदबाज प्रभावी साबित नहीं हो सके।

ऑस्ट्रेलिया की मजबूत शुरुआत, लेकिन अंत कमजोर

पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को ट्रेविस हेड और कप्तान मिचेल मार्श ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 51 गेंदों में 104 रन जोड़े। इस दौरान दोनों बल्लेबाजों ने अर्धशतक पूरे किए। ट्रेविस हेड ने 56 रन बनाए, जबकि मिचेल मार्श ने 54 रनों की पारी खेली। हालांकि, इन दोनों के आउट होते ही ऑस्ट्रेलियाई पारी लड़खड़ा गई। जोश इंग्लिस ने 27 और ग्लेन मैक्सवेल ने 22 रन जोड़े, लेकिन मध्यक्रम और निचला क्रम तेजी से रन नहीं बना सका। श्रीलंका की ओर से दुषन हेमंथ ने 3 विकेट लिए, जबकि दुष्मंथा चमीरा को 2 सफलताएं मिलीं। आखिरी ओवरों में नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से ऑस्ट्रेलिया 200 के आंकड़े तक नहीं पहुंच सका।

अंक तालिका पर असर

इस जीत के साथ श्रीलंका ने सुपर-8 में प्रवेश लगभग सुनिश्चित कर लिया है। टीम का रन रेट और अंक दोनों मजबूत स्थिति में हैं। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया की स्थिति बेहद नाजुक हो गई है। अब ऑस्ट्रेलिया को अपना आखिरी ग्रुप मैच ओमान के खिलाफ जीतना ही होगा। लेकिन सिर्फ जीत काफी नहीं होगी। उसे जिम्बाब्वे के दोनों शेष मुकाबलों के परिणामों का भी इंतजार करना पड़ेगा।

जिम्बाब्वे पर टिकी उम्मीदें

ऑस्ट्रेलिया की किस्मत अब जिम्बाब्वे के प्रदर्शन पर निर्भर है। यदि जिम्बाब्वे मंगलवार को आयरलैंड को हरा देता है, तो ऑस्ट्रेलिया का टूर्नामेंट से बाहर होना तय हो जाएगा। दूसरी स्थिति में, यदि जिम्बाब्वे अपने दोनों बचे मैच श्रीलंका और आयरलैंड हार जाता है और ऑस्ट्रेलिया का नेट रन रेट बेहतर रहता है, तभी कंगारू टीम सुपर-8 में पहुंच सकती है। अगर जिम्बाब्वे ने आखिरी दो में से एक भी मुकाबला जीत लिया, तो वह श्रीलंका के साथ अगले दौर में प्रवेश कर जाएगा और ऑस्ट्रेलिया का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा।

कंगारू टीम पर बढ़ा दबाव

लगातार मिली हार ने ऑस्ट्रेलियाई टीम की रणनीति और प्रदर्शन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती मैचों में उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन न कर पाने के कारण टीम अब दूसरों के नतीजों पर निर्भर हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्यक्रम की अस्थिरता और गेंदबाजी में धार की कमी टीम के लिए बड़ी समस्या साबित हुई है। हालांकि, क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और आखिरी लीग मुकाबले तथा अन्य परिणामों से स्थिति बदल भी सकती है।

ऑस्ट्रेलिया के लिए मुश्किलें बढ़ीं


पल्लेकेले में मिली हार ने ऑस्ट्रेलिया के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जबकि श्रीलंका ने दमदार प्रदर्शन से अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। अब सबकी नजरें जिम्बाब्वे और आयरलैंड के मुकाबले पर होंगी, जो ग्रुप-बी की तस्वीर पूरी तरह बदल सकता है। फिलहाल, ऑस्ट्रेलिया के लिए आगे का रास्ता बेहद चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है।

Tags:    

Similar News