कोलंबो/इस्लामाबाद। टी20 विश्व कप 2026 में भारत के हाथों 61 रन से मिली करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में आत्ममंथन का दौर शुरू हो गया है। कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले के बाद न सिर्फ प्रशंसकों में निराशा है, बल्कि पूर्व क्रिकेटर भी खुलकर आलोचना कर रहे हैं। पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने एक टीवी शो में बैठकर टीम चयन और वरिष्ठ खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर फैसला उनके हाथ में होता तो वे बाबर आजम, शाहीन शाह अफरीदी और शादाब खान को टी20 टीम से बाहर करने पर विचार करते।
61 रन की हार ने बढ़ाई आलोचना
भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा भावनाओं से भरा होता है। इस बार भी मुकाबले से पहले बड़ी-बड़ी बातें की जा रही थीं, लेकिन मैदान पर पाकिस्तान टीम दबाव में नजर आई। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मजबूत स्कोर खड़ा किया और फिर गेंदबाजों ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी को टिकने नहीं दिया। जवाब में पाकिस्तान की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए बिखर गई और 61 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार को लेकर पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
शाहिद अफरीदी का बड़ा बयान
पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी ने एक टीवी कार्यक्रम में कहा कि टीम में बदलाव का समय आ गया है। उन्होंने कहा, “अगर मुझे फैसला करना हो तो मैं बाबर आजम, शाहीन अफरीदी और शादाब खान को टीम से बाहर करना चाहूंगा। ये लंबे समय से टीम का हिस्सा हैं, लेकिन हमें वह परिणाम नहीं मिल रहे जिनकी उम्मीद थी।” अफरीदी का यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि शाहीन अफरीदी उनके दामाद हैं। इसके बावजूद उन्होंने सार्वजनिक मंच से उनके प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने आगे कहा कि टीम में नए खिलाड़ियों को मौका देने का समय आ गया है, ताकि भविष्य की तैयारी बेहतर तरीके से की जा सके।
यूसुफ ने भी जताई सहमति
पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने भी शाहिद अफरीदी के विचारों से सहमति जताई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बाबर, शाहीन और शादाब को टी20 टीम से बाहर कर नए चेहरों को मौका दिया जाना चाहिए। यूसुफ के अनुसार, इन खिलाड़ियों का टी20 करियर अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और टीम को नई दिशा देने की जरूरत है। पूर्व खिलाड़ियों की यह खुली आलोचना पाकिस्तान क्रिकेट में चल रहे दबाव और असंतोष को दर्शाती है।
भारत के खिलाफ प्रदर्शन कैसा रहा?
कोलंबो में खेले गए मुकाबले में पाकिस्तान के तीनों वरिष्ठ खिलाड़ियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। बाबर आजम ने 7 गेंदों पर सिर्फ 5 रन बनाए। टीम को उनसे एक बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह जल्दी आउट हो गए। शाहीन शाह अफरीदी गेंदबाजी में प्रभाव नहीं छोड़ सके। उन्होंने केवल 2 ओवर में 31 रन खर्च कर दिए, जिससे भारत को तेज शुरुआत मिली। शादाब खान ने 1 ओवर में 17 रन दिए और बल्लेबाजी में भी योगदान नहीं दे सके। इन तीनों के फीके प्रदर्शन को पाकिस्तान की हार की बड़ी वजह माना जा रहा है।
कप्तानी और टीम संतुलन पर सवाल
विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान टीम पिछले कुछ समय से संतुलन की समस्या से जूझ रही है। बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी और गेंदबाजी में दबाव झेलने की क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। टी20 जैसे छोटे प्रारूप में तेज शुरुआत और सटीक डेथ बॉलिंग बेहद अहम होती है। भारत के खिलाफ मैच में पाकिस्तान इन दोनों मोर्चों पर कमजोर दिखा। पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि टीम में बदलाव से नई ऊर्जा और प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा।
भावनात्मक मुकाबले का असर
भारत-पाकिस्तान मैच सिर्फ खेल नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जाता है। ऐसे मुकाबलों में हार का असर सामान्य मैचों से कहीं अधिक होता है। पाकिस्तान के प्रशंसकों की उम्मीदें हमेशा ऊंची रहती हैं। जब परिणाम विपरीत आता है तो प्रतिक्रिया भी तीखी होती है। शाहिद अफरीदी जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी का सार्वजनिक रूप से टीम के बड़े नामों पर सवाल उठाना इसी दबाव का संकेत है।
चयन नीति पर खास ध्यान ?
अब सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) इन सुझावों पर अमल करेगा? टीम में बड़े बदलाव करना आसान निर्णय नहीं होता, खासकर तब जब बात अनुभवी खिलाड़ियों की हो। टीम प्रबंधन को संतुलन बनाना होगा, एक ओर अनुभव की जरूरत है, तो दूसरी ओर युवा खिलाड़ियों को अवसर देना भी जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले मैचों और टूर्नामेंट्स में चयन नीति पर खास ध्यान दिया जाएगा।
टीम के प्रदर्शन को लेकर असंतोष
भारत के खिलाफ मिली हार ने पाकिस्तान क्रिकेट में बहस को तेज कर दिया है। शाहिद अफरीदी और मोहम्मद यूसुफ जैसे पूर्व दिग्गजों की टिप्पणियां यह दर्शाती हैं कि टीम के प्रदर्शन को लेकर असंतोष गहरा है। अब देखना होगा कि यह आलोचना सिर्फ चर्चा तक सीमित रहती है या टीम चयन और रणनीति में ठोस बदलाव के रूप में सामने आती है। एक बात तय है- भारत से हार का असर सिर्फ स्कोरबोर्ड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने पाकिस्तान क्रिकेट में बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।