अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए विशेष कदम उठाये जाने चाहिए: एसोचैम

उद्योग जगत का कहना है कि सरकार को जीएसटी था नोटबंदी के असर से सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए विशेष कदम उठाने चाहिए जिनसे रोजगारों का सृजन हो तथा उपभोक्ता मांग में वृद्धि हो।

Update: 2017-10-01 14:14 GMT

नयी दिल्ली।  उद्योग जगत का कहना है कि सरकार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) तथा नोटबंदी के असर से सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए विशेष कदम उठाने चाहिए जिनसे रोजगारों का सृजन हो तथा उपभोक्ता मांग में वृद्धि हो।

उद्योग संगठन भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (एसोचैम) के मुताबिक सरकार को वित्तीय घाटे के लक्ष्य में राहत और निवेश को बढावा देने के लिए सरकारी खर्चे में बढोतरी करनी चाहिए ताकि अधिक रोजगारों का सृजन और उपभोक्ता मांग में बढोतरी हो पाये।

एसोचैम का कहना है कि सरकार को चालू वित्त वर्ष तथा अगले वित्त वर्ष के लिए 3.2 फीसदी वित्तीय घाटे के लक्ष्य में कम से कम 50 आधार अंकों की राहत देनी चाहिए।

वित्तीय घाटे का लक्ष्य 3.7 प्रतिशत किया जा सकता है लेकिन साथ ही खर्च की गुणवत्ता पर नजर बनाये रखनी होगी ताकि अतिरिक्त संसाधनों का बुद्धिमतापूर्वक आधारभूत संरचना निर्माण में निवेश संभव हो।

आगामी चार अक्टूबर को होने वाली क्रेडिट पॉलिसी समीक्षा से पहले एसोचैम ने रिजर्व बैंक तथा मौद्रिक नीति समित को भेजी अपनी सिफारिशों में कहा है कि अर्थव्यवस्था के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों को देखते हुए ब्याज दर में कम से कम 25 आधार अंकों की कटौती की जानी चाहिए। 
 

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