केरल पीएससी की मौजूदा गवर्निंग बॉडी भंग करने की मांग, भाजपा युवा मोर्चा ने तेज किया आंदोलन
भाजपा युवा मोर्चा ने मंगलवार को केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) के खिलाफ अपना अभियान तेज करते हुए आयोग की मौजूदा गवर्निंग बॉडी को भंग करने और पिछले 10 वर्षों में हुई नियुक्तियों की व्यापक जांच कराने की मांग की।;
तिरुवनंतपुरम। भाजपा युवा मोर्चा ने मंगलवार को केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) के खिलाफ अपना अभियान तेज करते हुए आयोग की मौजूदा गवर्निंग बॉडी को भंग करने और पिछले 10 वर्षों में हुई नियुक्तियों की व्यापक जांच कराने की मांग की।
युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वी. मनुप्रसाद ने कहा कि जब तक भ्रष्टाचार और नौकरी के इच्छुक युवाओं के साथ कथित धोखाधड़ी के आरोपों का सामना कर रहे पीएससी सदस्यों सहित वर्तमान गवर्निंग बॉडी को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, "मौजूदा पीएससी गवर्निंग बॉडी को भंग किया जाना चाहिए। जब तक कार्रवाई नहीं होती, हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे।"
मनुप्रसाद ने बताया कि उनकी संस्था पहले ही पीएससी से जुड़े मुद्दों की शिकायत केरल के राज्यपाल से कर चुकी है। राज्यपाल ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल के हस्तक्षेप से संगठन को उम्मीद जगी है कि इस मामले में उचित कार्रवाई होगी।
भाजपा युवा मोर्चा ने पीएससी की कार्यप्रणाली और भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई मांगें उठाई हैं। संगठन ने सरकार से सभी सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों की पहचान कर उनकी पूरी जानकारी सार्वजनिक करने और रिक्तियों पर एक श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
युवा मोर्चा ने यह भी मांग की है कि पीएससी की मौजूदा रैंक सूची में शामिल उम्मीदवारों को सभी स्वीकृत रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति दी जाए। संगठन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी कर चुके उम्मीदवारों को इंतजार नहीं करवाया जाना चाहिए, जबकि पद खाली पड़े हों।
संगठन की प्रमुख मांगों में पिछले 10 वर्षों में पीएससी द्वारा की गई नियुक्तियों की सीबीआई जांच भी शामिल है।
इसके अलावा, युवा मोर्चा ने पीएससी सदस्यों की नियुक्ति के लिए पारदर्शी और स्पष्ट कानूनी नियम बनाने की मांग की है, ताकि राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को रोका जा सके और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ाई जा सके।
मनुप्रसाद ने कहा कि उनका अभियान लगातार सरकारों द्वारा नौकरी के उम्मीदवारों के साथ किए गए 'विश्वासघात' को उजागर करने के लिए है।
आंदोलन के तहत युवा मोर्चा 19 और 20 अगस्त को पीएससी मुख्यालय के बाहर दिन-रात धरना प्रदर्शन करेगा। यह प्रदर्शन सरकारी रिक्तियों, नियुक्तियों में देरी और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा।
मनुप्रसाद ने कहा कि जब तक सरकार और पीएससी हजारों नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे उम्मीदवारों की चिंताओं का समाधान नहीं करते, तब तक उनका संगठन सुधारों की मांग करता रहेगा।
युवा मोर्चा नेतृत्व ने संकेत दिया कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।