सीईओ राउंडटेबल में जापानी दिग्गजों के साथ निवेश की संभावनाओं पर होगा महामंथन

उत्तर प्रदेश और जापान के बीच निवेश एवं औद्योगिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने के लिए बुधवार को नई दिल्ली में ‘यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026’ का हाई-लेवल सीईओ राउंडटेबल सेशन होगा;

Update: 2026-08-18 22:40 GMT

लखनऊ। उत्तर प्रदेश और जापान के बीच निवेश एवं औद्योगिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने के लिए बुधवार को नई दिल्ली में ‘यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट-2026’ का हाई-लेवल सीईओ राउंडटेबल सेशन होगा। ताज पैलेस में होने वाले इस कार्यक्रम में जापान के प्रमुख उद्योग समूहों के शीर्ष अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्र व प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री एवं अधिकारी निवेश की संभावनाओं पर मंथन करेंगे।

18 से 23 अगस्त तक चलने वाले ‘यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026’ में जापान के 200 से अधिक उद्योगपति, सीईओ, बिजनेस लीडर्स और नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं। जापानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यमानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोटारो नागासाकी कर रहे हैं। सम्मेलन के दौरान प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों और विभिन्न क्षेत्रों में सरकार की नीतियों से परिचित कराया जाएगा। बुधवार सुबह ताज पैलेस के दरबार हॉल में उद्घाटन सत्र की शुरुआत होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जापानी कंपनियों के उत्तर प्रदेश में कार्यरत सीईओज को सम्मानित करेंगे। इसके बाद प्रदेश की इंडस्ट्रियल और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोग्रेस पर वीडियो प्रस्तुति होगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाले इस राउंडटेबल में जापान और जापान से जुड़ी प्रमुख कंपनियों के शीर्ष अधिकारी हिस्सा लेंगे। सीईओ राउंडटेबल में उत्तर प्रदेश के लिए भविष्य के औद्योगिक अवसरों पर विशेष जोर रहेगा।

ग्रीन हाइड्रोजन, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, सेमीकंडक्टर, एडवांस्ड मटेरियल्स, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर उद्योग जगत के साथ चर्चा होगी। इसके साथ ही जापानी निवेशकों को उत्तर प्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक एवं अवस्थापना सुविधाओं और राज्य की निवेश नीतियों से भी अवगत कराया जाएगा। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में जापानी निवेश की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर एस्कॉर्ट्स कुबोटा और मिंडा कॉरपोरेशन की परियोजनाओं की वर्चुअल ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी भी होगी।

यीडा के सेक्टर-10 में एस्कॉर्ट्स कुबोटा की करीब 2,025 करोड़ रुपए की परियोजना से 3,800 से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। वहीं, मिंडा कॉरपोरेशन की सेक्टर-10 और सेक्टर-24 की दो परियोजनाओं में कुल 1,166 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इनसे करीब 6,440 रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। दोनों कंपनियों की परियोजनाओं को मिलाकर 3,191 करोड़ रुपए का निवेश और 10 हजार से अधिक संभावित रोजगार उत्तर प्रदेश में जापानी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूती देंगे। कार्यक्रम में यीडा में प्रस्तावित 500 एकड़ की जापान सिटी पर भी प्रस्तुति होगी।

अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार जापानी सिटी की योजना और प्रदेश में जापानी कंपनियों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी देंगे। जापान सिटी को जापानी कंपनियों, उनके सप्लायर्स और एंसिलरी इंडस्ट्रीज के लिए इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे सप्लाई चेन इंटीग्रेशन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इन्वेस्टमेंट मीट के दौरान सीईओ राउंडटेबल के समानांतर ‘उत्तर प्रदेश-जापान इनोवेशन, इंडस्ट्री एंड इन्वेस्टमेंट डायलॉग' तथा ‘एक्सीलरेटिंग ग्रीन ट्रांसफॉर्मेशन- मोबिलिटी, एनर्जी और स्ट्रेटेजिक मटेरियल्स’ जैसे सेशन भी आयोजित होंगे। इन सत्रों में स्टार्टअप, तकनीक, बैंकिंग, कुशल मानव संसाधन, हरित बदलाव, परिवहन, ऊर्जा और रणनीतिक सामग्री से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों एवं उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा।

दोपहर बाद यमानाशी से आए प्रतिनिधिमंडल के लिए विशेष प्रस्तुतियां और प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। पूरे आयोजन के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार का जोर जापानी कंपनियों को केवल निवेश के अवसरों से परिचित कराने तक सीमित न रखते हुए निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने, तकनीकी साझेदारी, रोजगार सृजन और दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने पर रहेगा। जापान के साथ यह मजबूत साझेदारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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