यमुना एक्सप्रेस-वे में सड़क निर्माण को लेकर घोटाला
यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में सड़क निर्माण के नाम पर चार करोड़ से ज्यादा घोटाला करने का मामला सामने आया है
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में सड़क निर्माण के नाम पर चार करोड़ से ज्यादा घोटाला करने का मामला सामने आया है। लोक निर्माण विभाग जिस सड़क का निर्माण कर रहा था उसी सड़क का निर्माण करने को लेकर प्राधिकरण ने निविदा निकाल दिया। मामला सामने आने के बाद निविदा को निरस्त कर दिया गया है। इसके अलावा स्कूल चारदीवारी के निर्माण में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग करने पर एक ठेकेदार पर 35 हजार का जुर्माना लगाया गया है।
'यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण ने गांव गुनपुरा, अट्टा गुजरान व दनकौर में सड़क निर्माण के लिए निविदा निकाल दिया था। गुनपुरा गांव में प्राधिकरण ने सड़क निर्माण के लिए ठेका निकाला था। सड़क की निर्माण लागत करीब चार करोड़ रूपए रखी गई थी। प्राधिकरण के महाप्रबंधक परियोजना देवेंद्र बलियान ने जब इस बारे में संबंधित इंजीनियर से जानकारी मांगी तो पता चला कि ठेका निरस्त कर दिया गया। ठेका निरस्त करने के पीछे बताया गया कि जिस समय ठेका निकाला गया था उस समय जमीन पर कब्जा नहीं मिला।
इसलिए एक करोड़ रूपए से ज्यादा मिट्टी भराई को शामिल किया गया था। इसके अलावा अट्टा गुजरान व दनकौर में बिहारी लाल इंटर कालेज तक सड़क निर्माण का ठेका निकाला गया। जांच के दौरान पता चला कि उस सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग कर रहा है। इसके बाद भी प्राधिकरण ने उस सड़क का ठेका निकाल दिया।
इससे महाप्रबंधक परियोजना ने दोनों ठेका को निरस्त कर दिया। अट्टा गुजरान गांव में स्कूल के चारदीवारी का निर्माण चल रहा था, जांच करने पर पता चला कि ठेकेदार घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल कर रहा है। इस पर ठेकेदार पर 35 हजार रूपए का जुर्माना लगाया गया है।