राफेल समझौते में रणदीप सुरजेवाला का बीजेपी पर अटैक

कांग्रेस ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आज आरोप लगाया कि उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र की हिंदुस्तान एरोनोटिक्स लिमिटेड(एचएएल) के साथ हुए समझौते को रद्द

Update: 2018-07-27 17:11 GMT

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आज आरोप लगाया कि उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र की हिंदुस्तान एरोनोटिक्स लिमिटेड(एचएएल) के साथ हुए समझौते को रद्द कर निजी क्षेत्र की ऐसी कंपनी काे ठेका दिया जो समझौते के समय धरातल पर थी ही नहीं। 

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीपसिंह सुरजेवाला ने यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित विशेष संवाददाता सम्मेलन में कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने इस सौदे के तहत फ्रांस की कपंनी डसाल्ट एविएशन के साथ संयुक्त उपक्रम में एचएएल को तकनीकी हस्तांतरण के लिए साझीदार बनाया था। मोदी सरकार ने इस समझौते को रद्द कर दिया और अब रिलायंस डिफेंस लिमिटेड नाम की कंपनी ने डसाल्ट एविऐशन के साथ संयुक्त उपक्रम बनाया है। कंपनी समझौते के समय अस्तित्व में ही नहीं थी। यह कंपनी राफेल सौदा होने के 14 दिन बाद बनी है। 

उन्होंने कहा कि रिलायंस समूह की कंपनी ने जब इस सौद के लिए आवेदन किया था उस समय तक उसके पास न लाइसेंस था और ना ही अपनी कोई जमीन और ना ही ढांचागत व्यवस्था थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी ने गुजरात के अमरेनी का जो पता दिया है उस जगह कोई और कंपनी संचालित हो रही है। उस कंपनी का मालिक भी कोई और ही है।

प्रवक्ता ने कहा कि रिलायंस समूह को राफेल का कुल 130 लाख करोड़ रुपए का ठेका दिया गया। इसमें एक लाख करोड़ रुपए का ऑफसेट सौदा है जिसके तहत इन विमानों की मरम्मत तथा उनसे संबंधित देखरेख का काम 50 साल तक रिलायंस समूह की इन कंपनियों को ही करना है। 

 

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