राजिम : कवि वेदना से गुजरकर कविता पैदा करती है : कुंदन
पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक स्थित दिल्लीवार क्षत्रीय कुर्मी भवन के सभागार में पोएट्री 36 टीम के तत्वावधान में रविवार को ओपन माइक नई कोपलें का आयोजन किया
राजिम। पंडित सुंदरलाल शर्मा चौक स्थित दिल्लीवार क्षत्रीय कुर्मी भवन के सभागार में पोएट्री 36 टीम के तत्वावधान में रविवार को ओपन माइक नई कोपलें का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र की पूजा और दीप जलाकर किया गया। इस मौके पर उपस्थित मुख्य अतिथि प्रसिद्ध हास्य व्यंग्य कवि काशीपुरी कुंदन ने कहा कि साहित्य और कला एक-दूसरे के पूरक हैं। नई कोपलें एक दिन छायादार वृक्ष बनते हैं। कवि वेदना से गुजरकर कविता पैदा करती है, वह किसी संत से कम नहीं है।
प्रतिभा अवसर की मोहताज नहीं होती। उनका भूलकर भी निरादर नहीं करना चाहिए। रायपुर से पधारे वरिष्ठ साहित्यकार रामेश्वर शर्मा ने कहा कि राजिम संस्कारित भूमि है। यहां के संस्कार पूरे देश में कला, साहित्य के बदौलत प्रसिद्ध हैं। पोएट्री 36 टीम द्वारा ओपन माइक नई कोपलें का आयोजन नए कलाकारों को मंच के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को बढ़ा रहा है। गोबरा नवापारा नगर पालिका के सभापति भूपेंद्र सोनी ने कहा कि युवा ठान ले तो कुछ भी कर सकता है।
कला के क्षेत्र में राजिम का नाम ऊंचा हो। वैसे यहां अनेक कवि एवं कलाकार हैं, जिनकी कलाएं मंचों में बोलती हैं। साथ ही छत्तीसगढ़ की नई कोपलें इस मंच पर प्रस्तुति दे रही हैं, इनको राजीव लोचन भगवान की कृपा जरूर मिलेगी। गीतकार उमाशंकर देवांगन ने कहा कि कम शब्दों में विचारों की अभिव्यक्ति देना विद्वता है। किसी एक विधा पर आगे बढ़ने से अपार सफलता मिलती है। कवि साहित्यकार समाज को दिशा प्रदान करते हैं।
कवि तुकाराम कंसारी ने कहा कि व्यक्ति अपने जीवन में अनेक भूमिकाओं का निर्वहन करते हैं। जब से होश संभालते हैं, तब से आखिरी सांस तक ना जाने वह कितने किरदार निभाते हैं और इस कार्यक्रम के माध्यम से नई कोपलें किरदार निभाना सीख रहे हैं। स्वागत उद्बोधन में पोएट्री 36 टीम की अध्यक्ष अनीता देशमुख ने कहा कि ओपन माइक कार्यक्रम के माध्यम से नई प्रतिभाएं उभर कर सामने आ रही हैं। यह कार्यक्रम नए कवि एवं कलाकारों को मंच देने का है।
भविष्य में इनका स्वरूप और विस्तार किया जाएगा। भोरमदेव साहित्य समिति के अध्यक्ष मिनेश साहू, डॉ. तुलेश्वरी धुरंधर, आसाराम वर्मा अध्यक्ष दिल्ली वार कुर्मी समाज, कैलाश शर्मा साहित्यकार तिल्दा नेवरा, ओम कुमार वर्मा आदि ने भी अपने विचार रखे। योगेंद्र साहू, गौरी साहू, भूपेंद्र, विशाल धु्रव, सूरज प्रकाश, कुलेश्वरी सोनवानी, उमेश किरणबेर, अभिषेक वैष्णव, गुलाब ठाकुर, गणेश साहू, जावेद कुरैशी, लालाराम यादव, महेश साहू, इंद्रदेव यदु, लीला राम साहू, लोकनाथ साहू, लोकेंद्र, मधु मनहर, भोगेंद्र कुमार सिंहा, जनक राम, आर कांत, मोहम्मद जावेद, रंजीत बारले, भूपेंद्र साहू, चंद्रभूषण प्रताप आदि ने रैप, कविता, शायरी, अभिनय, गीत आदि विधा के माध्यम से कार्यक्रम में जान डाल दी।
इनकी शानदार प्रस्तुति ने सबको प्रभावित किया। पश्चात साहित्य कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों का प्रशस्ति पत्र, शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान दिया गया। इनमें रामेश्वर शर्मा, काशीपुरी कुंदन, मिनेश साहू, हबीब खान, नरेंद्र वर्मा, संतोष कुमार सोनकर मंडल, कैलाश शर्मा, तुलेश्वरी धुरंधर, उमाशंकर देवांगन, लोकनाथ साहू, वीरेंद्र साहू, लोकेंद्र आलोक, रिंकी बिंदास, जितेंद्र वर्मा, राजेश साहू, तुकाराम कंसारी, भूपेंद्र सोनी, आसाराम वर्मा, गुलाब देशमुख, ओमकार वर्मा, नूतन साहू, रमेश टंडन, जितेंद्र सुकुमार साहिर, संतोष सेन शामिल हैं। यह तमाम कलाकार प्रदेश के लगभग सभी जिले से आए हुए थे।
कार्यक्रम में संस्थापक निशांत सिदार, संयोजक सुभाष देशमुख, प्रवीण कोसले, लाला यादव, पंकज साहू, पारस धीवर, योगेश साहू, हरीश यादव होमन जांगडे, दुलेंद्र साहू, मिथिलेश विश्वकर्मा, मुकेश लोहार, मिथिलेश साहू, तुषार साहू, टीकम चंद सेन, जेएस साहू, देवेंद्र धु्रव सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। संचालन प्रदीप साहू कुंवर दादा एवं सागर सेन ने किया।