जयपुर/अलवर/पाली। राजस्थान की आपराधिक दुनिया से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दो अलग-अलग, बेहद चर्चित और जघन्य हत्याकांडों में उम्रकैद की सजा काट रहे हनुमान प्रसाद और प्रिया सेठ ने 15 दिन की पैरोल पर रिहा होने के बाद शुक्रवार को शादी कर ली। दोनों पिछले करीब एक वर्ष से जयपुर की सांगानेर स्थित खुली जेल में बंद थे, जहां उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं और यह रिश्ता शादी तक पहुंच गया। यह शादी न केवल इसलिए चर्चा में है क्योंकि दोनों आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे हैं, बल्कि इसलिए भी कि दोनों के अपराधों की प्रकृति समाज को झकझोर देने वाली रही है।
खुली जेल में पनपा रिश्ता
हनुमान प्रसाद और प्रिया सेठ को राजस्थान हाई कोर्ट के निर्देश पर अच्छे आचरण के आधार पर जयपुर की खुली जेल में स्थानांतरित किया गया था। वहीं दोनों की मुलाकात हुई। बताया जा रहा है कि बीते छह महीनों में दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और धीरे-धीरे यह संबंध प्रेम में बदल गया। खुली जेल में रहते हुए दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया। इसके लिए पैरोल के लिए आवेदन किया गया, जिस पर हाई कोर्ट के निर्देश के बाद पैरोल कमेटी ने अनुमति दी।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद मिली पैरोल
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, दोनों के वकील विश्राम प्रजापत ने बताया कि राजस्थान हाई कोर्ट ने 7 जनवरी को पैरोल कमेटी को निर्देश दिया था कि वे सात दिनों के भीतर दोनों के आवेदन पर निर्णय लें। इसके बाद दोनों को 15 दिन की पैरोल दी गई। पैरोल मिलने के बाद दोनों ने शादी की तैयारियां शुरू कीं।
पहले अलवर, फिर सांगानेर में हुई शादी
शुरुआत में हनुमान और प्रिया ने अलवर जिले के गांव बड़ौदा मेव में शादी करने का निर्णय लिया था। इसके लिए शादी के कार्ड भी छपवाए गए थे। हालांकि बाद में अचानक शादी का स्थान बदल दिया गया। अंततः दोनों ने जयपुर जिले के सांगानेर क्षेत्र में बेहद सादगी से शादी कर ली। किसी तरह का सार्वजनिक आयोजन नहीं किया गया और शादी का स्थान भी किसी को पहले से नहीं बताया गया। पहले धूमधाम से शादी करने का विचार था, लेकिन बाद में परिस्थितियों को देखते हुए सादे तरीके से विवाह किया गया।
कौन है हनुमान प्रसाद
अलवर निवासी हनुमान प्रसाद का नाम राजस्थान के सबसे सनसनीखेज हत्याकांडों में शामिल रहा है। वर्ष 2014 में उसके संबंध खुद से लगभग 10 वर्ष बड़ी विवाहित महिला संतोष शर्मा से बने थे। दोनों का प्रेम संबंध धीरे-धीरे इतना गहरा हो गया कि उन्होंने शादी करने का निर्णय कर लिया। लेकिन संतोष पहले से शादीशुदा थी और उसके चार बच्चे भी थे। प्रेम में बाधा बन रहे इस परिवार को खत्म करने की साजिश रची गई।
2 अक्टूबर 2017 की खौफनाक रात
2 अक्टूबर 2017 को हनुमान प्रसाद और संतोष शर्मा ने मिलकर संतोष के पति बनवारी और उनके चार मासूम बच्चों की चाकू मारकर हत्या कर दी। वारदात के समय पूरा परिवार सो रहा था। जांच में सामने आया कि हनुमान और संतोष दोनों ताइक्वांडो जानते थे, जिससे उन्होंने वारदात को अंजाम देने में शारीरिक ताकत और तकनीक का इस्तेमाल किया। कोर्ट ने इस जघन्य अपराध के लिए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। बाद में दोनों जेल में अलग-अलग हो गए और उनका रिश्ता खत्म हो गया।
प्रिया सेठ: अपराध की अंधेरी राह
पाली निवासी प्रिया सेठ एक पढ़े-लिखे और सम्मानित परिवार से ताल्लुक रखती थी। उसके दादा स्कूल प्रिंसिपल रह चुके थे, पिता कॉलेज में लेक्चरर और मां सरकारी स्कूल में शिक्षिका थीं। प्रिया ने दसवीं और बारहवीं में अच्छे अंक हासिल किए थे। बेहतर भविष्य की उम्मीद में माता-पिता ने उसे जयपुर पढ़ने के लिए भेजा, लेकिन यहीं से उसकी जिंदगी गलत दिशा में मुड़ गई।
गलत संगत और ऐशो-आराम की चाह
जयपुर में पढ़ाई के दौरान प्रिया गलत संगत में पड़ गई और एक पेइंग गेस्ट (PG) गेस्ट हाउस में रहने लगी। महंगे शौक पूरे करने के लिए उसने युवकों को अपने जाल में फंसाने का रास्ता चुना। पैसे ऐंठने के लिए उसने एक वेबसाइट भी बनाई, जिसके जरिए वह युवकों को फंसाती थी।
मॉडलिंग करने वाले प्रेमी से रिश्ता
इसी दौरान उसकी दोस्ती श्रीगंगानगर निवासी दीक्षांत कामरा से हुई, जो मुंबई में मॉडलिंग करता था। दोनों जयपुर में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। दीक्षांत कामरा कर्ज में डूबा हुआ था। प्रिया ने उसके कर्ज उतारने के लिए एक नई साजिश रची।
डेटिंग ऐप से हत्या तक
प्रिया ने डेटिंग ऐप के जरिए झोटवाड़ा निवासी दीक्षांत शर्मा से संपर्क किया। खुद को करोड़पति बताकर उसने उसे प्रभावित किया और मोटी रकम ऐंठने की योजना बनाई। इस साजिश में उसने अपने प्रेमी दीक्षांत कामरा और उसके दोस्त लक्ष्य वालिया को भी शामिल कर लिया।
2 मई 2018 की वारदात
2 मई 2018 को तीनों ने दीक्षांत शर्मा को अपने कमरे पर बुलाया, उसे बंधक बना लिया और उसके पिता से तीन लाख रुपये की फिरौती वसूल की। पकड़े जाने के डर से तीनों ने बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। शव को सूटकेस में बंद कर पहाड़ियों में फेंक दिया गया।
कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
पुलिस जांच के बाद प्रिया सेठ, दीक्षांत कामरा और लक्ष्य वालिया को गिरफ्तार कर लिया गया। लंबी सुनवाई के बाद 24 मई 2024 को जयपुर की अदालत ने तीनों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रिया 17 मई 2018 से जयपुर सेंट्रल जेल में बंद थी, बाद में उसे भी खुली जेल में स्थानांतरित किया गया।
पुराने रिश्ते टूटे, नई शुरुआत
खुली जेल में आने के बाद प्रिया सेठ ने अपने पूर्व प्रेमी दीक्षांत कामरा से दूरी बना ली। वहीं हनुमान प्रसाद और उसकी प्रेमिका संतोष शर्मा भी पहले ही अलग हो चुके थे। इन्हीं हालातों के बीच हनुमान और प्रिया की नजदीकियां बढ़ीं और दोनों ने बीते अपराधों को पीछे छोड़ते हुए नई जिंदगी शुरू करने का फैसला किया। प्रिया सेठ की उम्र फिलहाल 33 वर्ष है, जबकि हनुमान प्रसाद 32 वर्ष के हैं। दोनों की शादी का कार्ड भी छप चुका है, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
समाज में उठ रहे सवाल
इस शादी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ऐसे गंभीर अपराधों में दोषी लोगों को समाज में नई शुरुआत का अवसर मिलना चाहिए? हालांकि कानून के दायरे में रहकर यह शादी हुई है, लेकिन यह मामला नैतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है।