जयपुर में जर्जर स्कूल भवन पर चला बुलडोजर, 18 लाख रुपये से बनेगा नया स्कूल; CJP विवाद के बाद तेज हुई कार्रवाई

तकनीकी निरीक्षण में इमारत को बच्चों के लिए असुरक्षित पाए जाने के बाद प्रशासन ने अब इसे बुलडोजर से गिराने का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार पुराने भवन को पूरी तरह हटाने के बाद उसी स्थान पर नया और सुरक्षित स्कूल भवन तैयार किया जाएगा।;

Update: 2026-09-03 06:22 GMT

जयपुर: राजस्‍थान की राजधानी जयपुर के सांगानेर क्षेत्र स्थित रामपुरा-कंवरपुरा गांव में लंबे समय से जर्जर पड़े सरकारी प्राथमिक स्कूल भवन को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। तकनीकी निरीक्षण में इमारत को बच्चों के लिए असुरक्षित पाए जाने के बाद प्रशासन ने अब इसे बुलडोजर से गिराने का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार पुराने भवन को पूरी तरह हटाने के बाद उसी स्थान पर नया और सुरक्षित स्कूल भवन तैयार किया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल को पहले ही अस्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया था। ऐसे में जर्जर इमारत में बच्चों की पढ़ाई नहीं हो रही थी। अब भवन को हटाने के साथ नए निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।

18 लाख रुपये की लागत से बनेगा नया भवन

रामपुरा-कंवरपुरा के सरकारी प्राथमिक विद्यालय के नए भवन के निर्माण के लिए कुल 18 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसमें 12 लाख रुपये जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) से और छह लाख रुपये विधायक निधि से उपलब्ध कराए जाएंगे। निर्माण कार्य एक सितंबर से शुरू किए जाने की घोषणा पहले ही की गई थी। नया भवन बनने के बाद विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण में पढ़ाई की सुविधा मिल सकेगी। स्थानीय स्तर पर भी उम्मीद है कि निर्माण पूरा होने के बाद स्कूल में बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा और बच्चों को स्थायी परिसर मिल सकेगा।

21 अगस्त को निरीक्षण के दौरान हुआ था विवाद

रामपुरा-कंवरपुरा का यही स्कूल 21 अगस्त को उस समय चर्चा में आया था, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम यहां भवन की स्थिति का जायजा लेने पहुंची थी। इस दौरान टीम और कुछ ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया था। आरोप है कि ग्रामीणों ने टीम को गांव में प्रवेश करने से रोका और CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका सहित टीम के सदस्यों के साथ मारपीट की। घटना के दौरान टीम के वाहनों के शीशे क्षतिग्रस्त किए जाने के आरोप भी सामने आए थे। विवाद के बाद स्कूल की जर्जर स्थिति और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े सवालों ने भी जोर पकड़ा।

विवाद के बाद प्रशासनिक कार्रवाई हुई तेज

घटना के बाद राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामपुरा (कंवरपुरा) के पुराने भवन को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हुईं। तकनीकी सर्वे के आधार पर भवन को पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका था। इसके बाद बच्चों को अस्थायी परिसर में भेज दिया गया था। अब प्रशासन ने पुराने ढांचे को हटाने का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों की योजना है कि भवन पूरी तरह साफ होने के बाद उसी स्थान पर नया स्कूल बनाया जाए। इससे एक ओर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी ओर गांव को नया शैक्षणिक परिसर भी मिलेगा।

आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी

CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर स्कूल भवन को गिराए जाने और नए भवन के निर्माण की जानकारी साझा की। उन्होंने दावा किया कि यह वही स्कूल है, जिसके बारे में उनकी टीम ने 21 अगस्त को निरीक्षण किया था। रांका ने उस दिन हुई घटना को लेकर भी कई आरोप लगाए। उनके मुताबिक निरीक्षण के दौरान टीम पर पत्थर फेंके गए, महिलाओं के साथ मारपीट हुई और वाहनों के शीशे तोड़े गए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों के अलग-अलग दावे हो सकते हैं।

बच्चों के लिए सुरक्षित स्कूल पर जोर

विवाद के बीच अब प्रशासन की ओर से जर्जर भवन को हटाने की कार्रवाई शुरू होने से स्कूल के भविष्य को लेकर तस्वीर स्पष्ट होती दिखाई दे रही है। नए भवन के निर्माण से सबसे बड़ा फायदा विद्यार्थियों को मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर अब निगाहें निर्माण कार्य की गति और गुणवत्ता पर टिकी हैं। 18 लाख रुपये की स्वीकृत राशि से बनने वाला नया भवन कब तक तैयार होता है और उसमें विद्यार्थियों के लिए कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, यह आगे की प्रक्रिया में स्पष्ट होगा। फिलहाल जर्जर भवन के हटने के साथ रामपुरा-कंवरपुरा के सरकारी स्कूल को सुरक्षित और स्थायी परिसर मिलने की राह खुल गई है।

Tags:    

Similar News