जयपुर: बगरू विधानसभा क्षेत्र में रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल की स्थिति का जायजा लेने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम पर कथित हमले को लेकर विवाद और गहरा गया है। CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया है कि टीम पर हुआ हमला अचानक नहीं था, बल्कि पहले से सुनियोजित था। उन्होंने दावा किया कि घटना के लिए बाहर से लोगों को बुलाया गया था और इनमें से कुछ लोग हमले से एक रात पहले स्थानीय विधायक कैलाश वर्मा के साथ नजर आए थे।
रांका का दावा- बाहर से बुलाए गए थे लोग
आशुतोष रांका ने कहा कि जिन लोगों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सार्वजनिक की गई हैं, वे कथित तौर पर घटना से एक रात पहले विधायक कैलाश वर्मा के साथ बैठे दिखाई दिए थे। उनके मुताबिक, अगले दिन इन्हीं लोगों ने मौके पर पहुंचकर कथित तौर पर हंगामा और मारपीट की। रांका ने आरोप लगाया कि पूरी घटना एक सुनियोजित और समन्वित कार्रवाई का हिस्सा थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और दूसरे पक्ष का जवाब भी इस दावे के संदर्भ में महत्वपूर्ण होगा।
पत्थरबाजी को लेकर गंभीर आरोप
CJP प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि हमले के दौरान पत्थरों का इस्तेमाल किया गया और जिस तरह से कथित तौर पर पत्थर फेंके गए, उससे हमलावरों की मंशा बेहद गंभीर प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि मौके पर पुलिस की मौजूदगी पर्याप्त नहीं थी। रांका के अनुसार, CJP कार्यकर्ताओं ने पुलिस से संपर्क करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन तत्काल मदद नहीं मिली। उन्होंने कहा कि अब राजस्थान पुलिस की जांच पर सभी की नजर रहेगी और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होती है या नहीं।
CJP ने वीडियो सार्वजनिक करने की चुनौती दी
रांका ने बताया कि संगठन ने घटना से जुड़े अपने सभी उपलब्ध वीडियो सार्वजनिक कर दिए हैं। उन्होंने दूसरे पक्ष से भी अपील की कि अगर उसके पास घटना से संबंधित कोई वीडियो या अन्य प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए। उनका कहना है कि इससे घटना की वास्तविक स्थिति सामने लाने में मदद मिलेगी और आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ सकेगी।
FIR दर्ज होने का दावा
CJP प्रवक्ता ने कहा कि घटना के दिन ही संगठन की कानूनी टीम और हमले में प्रभावित कार्यकर्ता मौके पर मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि शिकायत दर्ज कराई गई थी और बाद में FIR दर्ज होने की जानकारी भी उन्हें मिली है। रांका ने कहा कि CJP के कार्यकर्ता इस घटना से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने साफ किया कि संगठन हिंसा का सहारा नहीं लेगा, लेकिन स्कूलों की बदहाली का मुद्दा उठाने से पीछे भी नहीं हटेगा।
स्कूलों की हालत को लेकर सरकार पर निशाना
CJP ने इस पूरे विवाद को राजस्थान के सरकारी स्कूलों की स्थिति से जोड़ते हुए राज्य सरकार पर हमला बोला है। रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था की मौजूदा स्थिति सरकार के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि संगठन की लड़ाई किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए है। उनके मुताबिक, स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए CJP का अभियान जारी रहेगा।
अब मंत्री के इस्तीफे की मांग
रांका ने कहा कि वह जल्द ही दोबारा स्कूलों का दौरा करेंगे। हालांकि, इस बार संगठन का फोकस केवल स्कूल की स्थिति दिखाने तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग करने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री अपने विभाग की जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में विफल रहे हैं। CJP का कहना है कि राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा अब राज्य की राजनीति के केंद्र में आना चाहिए।
विधायक के साथ तस्वीरों पर उठे सवाल
पूरे मामले में कैलाश वर्मा के साथ कुछ लोगों की कथित तस्वीरों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। CJP का दावा है कि तस्वीरों में नजर आने वाले लोग हमले में शामिल थे। हालांकि, इन तस्वीरों और हमले के बीच संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस जांच, दोनों पक्षों के वीडियो और दर्ज शिकायतों के आधार पर यह स्पष्ट होना बाकी है कि बगरू में हुई घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। इस बीच CJP ने संकेत दिया है कि वह सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर अपना अभियान और तेज करने की तैयारी में है।