रेलवे का अजब फरमान ; बजरंग बली अपना मंदिर हटालो, वरना प्रशासन खुद कार्रवाई करेगा
बजरंग बली को रेलवे का नोटिस, रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण किया है, अगर 7 दिन में रेलवे की जमीन से मंदिर नहीं हटा तो प्रशासन खुद कार्रवाई करेगा और JCB खर्च की वसूली बजरंग बली से ही की जाएगी
By : गजेन्द्र इंगले
Update: 2023-02-14 05:18 GMT
गजेन्द्र इंगले
ग्वालियर/ मुरैना: भारतीय रेलवे ने एक बड़ा ही अजीबो गतिब फरमान जारी किया है जिसको लेकर रेलवे की खूब फजीहत हो रही है। मामला उत्तर मध्य रेलवे के मुरैना स्टेशन का है। सबलगढ़ के पास ग्वालियर श्योपुर ब्रॉड गेज का काम चल रहा है। जहाँ एक बजरंग बली का मंदिर निर्माण में बाधा बन रहा है। बस फिर क्या था रेलवे के अधिकारियों ने सजगता दिखाई और बजरंग बली को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। हालांकि नोटिस वायरल होने पर किरकिरी होते देख रेलवे ने जल्द ही एक अन्य नोटिस मंदिर के पुजारी के नाम जारी कर दिया।
रेलवे द्वारा जारी नोटिस में साफ लिखा है कि आपके द्वारा सबलगढ़ के मध्य किलोमीटर में मकान बनाकर रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण किया है। अब आप यह नोटिस प्राप्त होने के 7 दिन के अंदर रेलवे की भूमि के अतिक्रमण को हटाकर रेलवे की भूमि खाली करें। अन्यथा आपके द्वारा किये अतिक्रमण को हटाने हेतु प्रशासन द्वारा कार्यवाई की जाएगी। जिसका हर्ज व खर्च की जिम्मेदारी स्वयं आपकी होगी।
बाद में रेलवे ने नया नोटिस मंदिर के पुजारी हरिशंकर शर्मा के नाम से जारी किया।नोटिस तो बदल गया, लेकिन यह प्रश्न छोड़ गया कि रेलवे से इतनी बड़ी चूक कैसे हो गयी। यह नोटिस सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी खण्ड अभियन्ता ने यह चूक करदी उनके विरुद्ध रेलवे क्या कार्यवाही करने वाला है। इस मामले में झांसी मंडल के जन सम्पर्क अधिकारी ने देशबन्धु को बताया कि यह क्लेरिकल त्रुटि है, फिर भी सम्बंधित अधिकारी को काउंसल किया है। लेकिन किसी कार्यवाही की बात को वह टाल गए।
धनबाद में भी रेलवे द्वारा बजरंगबली को अतिक्रमण हटाने का नोटिस भेज दिया गया। रेलवे प्रसाशन ने हनुमान जी को नोटिस जारी कर मंदिर खाली करने को कहा। ईस्ट सेंट्रल रेलवे द्वारा मंगलवार की शाम को मंदिर के बाहर लगाए गए नोटिस में लिखा गया कि, ‘आपका मंदिर रेलवे की जमीन पर बना है. इस पर अवैध कब्जा किया गया है. नोटिस मिलने के 10 दिनों के अंदर मंदिर हटा लें और जमीन खाली कर दें। नहीं तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।