राफेल घोटाला पीएम मोदी के लिए ‘फोबिया’ बन गया है: कांग्रेस

 कांग्रेस ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राफेल घोटाले से इतने भयभीत हैं कि उनके लिए यह शायद ‘फोबिया’ बन गया है

Update: 2018-10-25 16:33 GMT

नयी दिल्ली।  कांग्रेस ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राफेल घोटाले से इतने भयभीत हैं कि उनके लिए यह शायद ‘फोबिया’ बन गया है और उन्हें नींद नहीं आ रही है इसलिए नियमों की परवाह किए बिना आधी रात को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक को हटाने जैसे गैरकानूनी काम कर रहे हैं। 

LIVE: Press briefing by Shri Mallikarjun Kharge & @DrAMSinghvi on PM eroding CBI & misusing state machinery. #StalkerModi

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— Congress Live (@INCIndiaLive) October 25, 2018


 

लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे तथा कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने गुरुवार को यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित विशेष संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पीएम मोदी में राफेल घोटाले को लेकर इतना डर पैदा हो गया है कि इसके आसपास जाने वाले व्यक्ति से भी वह डरने लगे हैं। उनको नींद नहीं आ रही है और सीबीआई जैसी संस्था की स्वायत्तता खत्म करने के लिए आधी रात को कार्रवाई कर रहे हैं।

खड़गे ने कहा कि यह शर्मनाक घटना है और इसको लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। इस पत्र की प्रति मुख्य न्यायाधीश को भी भेजी जा रही है। प्रधानमंत्री को इस पत्र का जवाब देना चाहिए। पत्र में सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा तथा विशेष निदेशक आर के अस्थाना को जबरन छुट्टी पर भेजने और नियमों का उल्लंघन कर अंतरिम निदेशक की नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए गए हैं और उन्हें विश्वास है कि प्रधानमंत्री उनके सवालों का जवाब देंगे। यह पूछने पर कि वह नियम विरुद्ध लिए गए इस फैसले को न्यायालय में चुनौती देंगे,  खड़गे ने कहा कि पहले वह इस संबंध में प्रधानमंत्री को लिखे पत्र के जवाब का इंतजार करेंगे।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता ने कहा कि कल तक वह गुजरात में थे और दिल्ली में सीबीआई निदेशक की नियुक्ति को लेकर हलचल मची थी लेकिन दिल्ली लौटते ही उन्होंने सबसे पहले प्रधानमंत्री को पत्र लिखा और कहा कि उन्होंने जो भी कदम उठाया है वह नियम विरुद्ध है। 

उन्होंने कहा कि सीबीआई निदेशक की नियुक्ति एक समिति करती है और प्रधानमंत्री खुद इस समिति के अध्यक्ष हैं। उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा लोकसभा में प्रमुख विपक्षी दल होने के कारण वह इस समिति के सदस्य हैं लेकिन श्री मोदी ने इस उच्च स्तरीय समिति के अधिकारों को नजरअंदाज करके वह काम किया है जिसके लिए समिति के अलावा अन्य कोई अधिकृत ही नहीं हैं।

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