राफेल घोटाले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच कराई जाये: कांग्रेस
विपक्ष ने आज फिर राफेल सौदे में सरकार पर सच छिपाने का आरोप लगाते हुए मांग की कि इस घोटाले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच करायी जाये
नयी दिल्ली। विपक्ष ने आज फिर राफेल सौदे में सरकार पर सच छिपाने का आरोप लगाते हुए मांग की कि इस घोटाले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच करायी जाये।
लोकसभा में वर्ष 2018-19 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों तथा वर्ष 2015-16 के लिए अतिरिक्त अनुदान मांगों पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस के के सी वेणुगोपाल ने बैंकों द्वारा खातों में न्यूनतम जमा राशि बरकरार नहीं रखने के एवज में जुर्माने के रूप में लगभग पांच हजार करोड़ रुपये वसूले जाने का मामला उठाते हुए कहा कि सरकार गरीबों को लूट रही है। उन्होंने कहा कि बैंकों में करोड़ों गरीबों ने जनधन खाते खोले और हजारों करोड़ की रकम जमा करायी, लेकिन जो अत्यंत निर्धन लोग न्यूनतम जमाराशि बरकरार नहीं रख पाये, सरकार ने उनकी बची खुची रकम लूट ली।
श्री वेणुगोपाल ने कहा कि रक्षा व्यय के लिए राशि बढ़ाये जाने से उनकी पार्टी को कोई ऐतराज नहीं है लेकिन रक्षा व्यय पारदर्शी होना चाहिए। उन्होंने राफेल का मामला उठाते हुए कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री ने भारत एवं फ्रांस के बीच गोपनीयता संधि के कारण मूल्य का खुलासा करने से इन्कार कर दिया, लेकिन 18 नवंबर 2016 के अतारांकित प्रश्न 533 में कीमत के बारे में बताया गया था कि यह लगभग 673 करोड़ रुपये थी, लेकिन रक्षा मंत्री ने संसद में कह दिया कि कीमत नहीं बता सकते।
उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल में 126 विमान खरीदने का फैसला हुआ था जिनमें 18 फ्रांस में बनकर आने थे और 108 बेंगलुरु में हिन्दुस्तान एयरोनॉटिकल्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के करार के साथ बनने थे। सौदे की कुल राशि का 50 प्रतिशत भारत में ही खर्च होना था। लेकिन मोदी सरकार ने इन शर्ताें को हटा दिया। इससे स्वाभाविक रूप से कीमत में कमी आयेगी।
इस पर भाजपा के निशिकांत दुबे ने कहा कि यह गोपनीय जानकारियों को उजागर किया जा रहा है। इसलिए श्री वेणुगोपाल को प्राधिकृत दस्तावेज सदन के पटल पर रखना चाहिए। श्री वेणुगोपाल ने अपने बयान पर कायम रहते हुए कहा कि बोफोर्स के नाम पर भाजपा ने कितना कुछ कहा था। अब वह मांग करते हैं कि इस ‘घोटाले’ की जेपीसी से जांच करायी जाये। गोपनीयता एवं सुरक्षा के नाम पर देश को लूटा जा रहा है।
भाजपा के रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि भारत विश्व की सबसे तेज गति वाली अर्थव्यवस्था बन गयी है। उन्होंने कहा कि भारत की उत्पादन क्षमता में अभूतपूर्व एवं अपेक्षा से अधिक वृद्धि हुई है और विदेशी निवेश के मामले में भी दुनिया का नंबर एक देश बन गया है। उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार के विज़न और मिशन के मेल का परिणाम है।
उन्होंने जन धन खातों की सराहना करते हुए कहा कि 2014 से 2017 के बीच विश्वभर में खोले गये कुल नये बैंक खातों में 55 प्रतिशत भारत में खोले गये हैं। करीब 32.25 करोड़ खातों में 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा की गयी है। नोटबंदी एवं जीएसटी के बाद भी कर संग्रहण में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बंदरगाह परिवहन में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
अन्नाद्रमुक के पी आर सुन्दरम ने कहा कि केंद्र सरकार ने ऊखी चक्रवात के कारण हुए नुकसान के मद में तमिलनाडु को बहुत कम राशि दी है। उन्होंने नदियों की साफ-सफाई और नहरों के निर्माण के लिए भी पर्याप्त धनराशि नहीं दिये जाने की शिकायत की।