पंजाब: मानसा में परविंदर के हत्यारे के घर-दुकान पर चला बुलडोजर, फिर लगाई आग…CBI जांच की मांग

परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह मेडिकल स्टोर संचालक ने झोटा पर नजदीक से तीन गोलियां चलाई थीं।;

Update: 2026-10-14 09:30 GMT

मानसा: पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। घटना के विरोध में शहर में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं और पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच के साथ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग उठाई है। इस बीच, प्रशासन ने मामले के मुख्य आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार के घर पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई शुरू की है। वहीं, आरोपी की दुकान में गुस्साई भीड़ द्वारा आग लगाए जाने की खबर भी सामने आई है। हत्याकांड के बाद मानसा में लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। परिवार और प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। प्रशासन की कार्रवाई और विरोध प्रदर्शनों के बीच शहर की स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है।

आरोपी राजस्थान के सालासर से हिरासत में

परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह मेडिकल स्टोर संचालक ने झोटा पर नजदीक से तीन गोलियां चलाई थीं। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से ही मानसा में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। मंगलवार को शहर में बंद का व्यापक असर देखने को मिला, जबकि बुधवार को भी कई स्थानों पर बंद और विरोध का माहौल बना रहा। लोग झोटा के लिए न्याय और मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई

हत्याकांड के बाद प्रशासन ने आरोपी अश्वनी कुमार के घर पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई शुरू की है। इसके साथ ही उसकी दुकान में भीड़ द्वारा आग लगाए जाने की खबर सामने आई है। इन घटनाओं के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। हालांकि, घर पर कार्रवाई किस कानूनी आधार पर की जा रही है, इस बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना जरूरी है। किसी भी संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही की जानी चाहिए। इसी तरह, दुकान में आगजनी के मामले में भी जिम्मेदार लोगों की पहचान और घटना की जांच महत्वपूर्ण होगी।

परिवार की मांग- सीबीआई करे जांच

परविंदर सिंह झोटा के परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सीबीआई जांच कराने पर जोर दिया है। परिवार चाहता है कि हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल हो और किसी भी प्रभाव या दबाव के बिना दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मानसा में जारी विरोध के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और सरकार परिवार की मांगों पर क्या निर्णय लेते हैं। जांच की पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई को लेकर भी लोगों की अपेक्षाएं बढ़ गई हैं।

राजनीतिक दलों के नेता परिवार के समर्थन में

झोटा हत्याकांड ने पंजाब की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता पीड़ित परिवार से मुलाकात कर रहे हैं और न्याय की मांग का समर्थन कर रहे हैं। लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने परिवार से मिलकर संवेदना जताई। इससे पहले विधायक सुखपाल सिंह खैरा भी मानसा पहुंचकर परिजनों से मुलाकात कर चुके हैं। विपक्षी नेताओं के मानसा पहुंचने को लेकर भी विवाद सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, शिरोमणि अकाली दल से जुड़े नेता और विधायक मनप्रीत सिंह इयाली को मानसा जाने से रोककर हिरासत में लिया गया। इसके अलावा होशियारपुर और गुरदासपुर में ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़े कुछ नेताओं को घरों में नजरबंद किए जाने की खबरें भी आई हैं। बताया गया कि ये नेता झोटा के लिए न्याय की मांग को लेकर आंदोलन में शामिल होना चाहते थे। हालांकि, इन कार्रवाइयों पर पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

जांच और कानून-व्यवस्था पर टिकी नजरें

परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद मानसा में उपजा आक्रोश अब न्याय, निष्पक्ष जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के सवालों से जुड़ गया है। एक ओर परिवार सीबीआई जांच की मांग पर कायम है, तो दूसरी ओर आगजनी और विरोध प्रदर्शनों के बीच शांति बनाए रखना भी जरूरी है। अब आगे की कार्रवाई, पुलिस की जांच और सरकार के रुख से तय होगा कि मामले में किस दिशा में प्रगति होती है।

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