प्रियंका गांधी का प्रवासियों की दुर्दशा को लेकर सरकार पर हमला

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा और खराब स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर प्रहार किया।;

Update: 2020-04-15 11:41 GMT

नयी दिल्ली  । कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों की दुर्दशा और खराब स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर प्रहार किया। उन्होंने मंगलवार को मुंबई के बांद्रा में प्रवासियों के खिलाफ हुए बल प्रयोग पर भी नाखुशी जताई।

उन्होंने सवाल उठाया कि लॉकडाउन होने पर रेलवे टिकट क्यों बुक किए जा रहे थे?

उन्होंने ट्वीट किया, "गरीबों और मजदूरों को परेशानी क्यों हो रही है, उन पर विचार करके फैसले क्यों नहीं लिए जा रहे हैं, लॉकडाउन के दौरान उन्हें उनके भाग्य पर क्यों छोड़ दिया गया और टिकट क्यों बुक किए गए और विशेष ट्रेनें क्यों नहीं चलाई गईं।"

आख़िर हर बार हर विपत्ति गरीबों और मजदूरों पर ही क्यों टूटती है? उनकी स्थिति को ध्यान में रखकर फैसले क्यों नहीं लिए जाते? उन्हें भगवान भरोसे क्यों छोड़ दिया जाता है? लॉकडाउन के दौरान रेलवे टिकटों की बुकिंग क्यों जारी थी? स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम क्यों नहीं किया गया? उनके पैसे..1/2

— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) April 15, 2020

उन्होंने कहा, "प्रवासियों के पास पैसे नहीं है, उनका राशन समाप्त हो गया है। वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और अपने घर जाना चाहते हैं। उन्हें सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए। योजना बनाकर उनकी मदद की जा सकती है। मोदीजी, मजदूर देश की रीढ़ हैं। भगवान की खातिर कृपया उनकी मदद करें।"

..खत्म हो रहे हैं, स्टॉक का राशन खत्म हो रहा है, वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं-घर गाँव जाना चाहते हैं। इसकी व्यवस्था होनी चाहिए थी।

अभी भी सही प्लानिंग के साथ इनकी मदद की व्यवस्था की जा सकती है। मजदूर इस देश की रीढ़ की हड्डी हैं। @narendramodi जी भगवान के लिए इनकी मदद कीजिए। 2/2

— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) April 15, 2020

कांग्रेस ने मजदूरों पर बल का उपयोग किए जाने की भी आलोचना की और करुणा की अपील करते हुए कहा कि ऐसा दमन अक्षम्य है।

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और प्रशासन से आग्रह किया कि वे उन्हें उनकी गरिमा और अधिकार वापस दिलाएं। उन्होंने कहा, "उन्हें रोटी दें, लाठियां न दें, यह दमन मानवता के खिलाफ अक्षम्य अपराध है।"

आनंद शर्मा ने कहा, "प्रवासी मजदूरों और श्रमिकों की ऐसी दुर्दशा दिल दहलाने वाली है- भूख से मर रहे उनके बच्चे, भूखे पुरुष और महिलाएं भोजन और राहत की प्रतीक्षा में हैं।"

मुंबई पुलिस ने मंगलवार को उस समय हल्के लाठीचार्ज का सहारा लिया जब मुंबई के बांद्रा में लोगों ने नियंत्रण से बाहर जाने की धमकी दी।

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