Punjab News: पंजाब विधानसभा में सुखपाल खैरा के बयान पर बवाल, महिला आयोग ने लिया संज्ञान; एसएसपी कपूरथला को जांच के निर्देश

पंजाब में बजट सत्र के दौरान मंगलवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के एक बयान को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की प्रस्तावित योजना पर की गई उनकी टिप्पणी के बाद सियासी विवाद खड़ा हो गया है

Update: 2026-03-10 09:50 GMT
चंडीगढ़ : पंजाब में बजट सत्र के दौरान मंगलवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के एक बयान को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की प्रस्तावित योजना पर की गई उनकी टिप्पणी के बाद सियासी विवाद खड़ा हो गया है। मामले ने इतना तूल पकड़ लिया कि पंजाब राज्य महिला आयोग को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा। महिला आयोग ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो का संज्ञान लेते हुए कपूरथला के एसएसपी को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने इस पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द पेश करने को कहा है।

विधानसभा में मचा हंगामा

दरअसल, बजट सत्र के दौरान पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन में सुखपाल सिंह खैरा का एक इंटरनेट मीडिया पर दिया गया बयान पढ़कर सुनाया। इस बयान में खैहरा कथित तौर पर कहते नजर आए कि “1000 रुपये लेकर औरतें कौन से सूरमा पैदा कर देंगी।” चीमा ने इस टिप्पणी को महिलाओं, खासकर अनुसूचित जाति समुदाय की बहू-बेटियों का अपमान बताया। उनके इस आरोप के बाद सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और माहौल काफी गरमा गया। स्थिति को शांत करने की कोशिश करते हुए पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने खैहरा की ओर से माफी भी मांगी। हालांकि इसके बावजूद हंगामा थमता नजर नहीं आया। लगातार बढ़ते शोर-शराबे के बीच विधानसभा स्पीकर को सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।

महिला आयोग ने लिया संज्ञान

विवाद बढ़ने के बाद पंजाब राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया। आयोग ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए कपूरथला के एसएसपी को जांच के आदेश दिए हैं। आयोग ने निर्देश दिया है कि एसपी रैंक के अधिकारी के माध्यम से पूरे मामले की जांच की जाए और जल्द से जल्द स्थिति रिपोर्ट पेश की जाए। इसके साथ ही आयोग ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और विधायक सुखपाल सिंह खैहरा को भी तलब किया है। दोनों नेताओं को गुरुवार, 12 मार्च को सुबह 11:30 बजे आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा गया है, ताकि इस मामले में उनका पक्ष सुना जा सके।

क्या है पूरा विवाद

दरअसल, इस विवाद की शुरुआत एक वीडियो से हुई, जिसे सुखपाल सिंह खैरा ने सोशल मीडिया पर शेयर किया था। इस वीडियो में एक यूट्यूबर कुछ महिलाओं की नैतिकता पर सवाल उठाते हुए दिखाई देता है। वीडियो में दिख रही महिला को कथित तौर पर आम आदमी पार्टी की कार्यकर्ता बताया गया है। वीडियो में वह पंजाब सरकार द्वारा महिलाओं को 1000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा के बाद खुशी में डांस करती नजर आ रही थीं। खैहरा ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कहा था कि महिलाएं इस घोषणा के बाद खुशी मना रही हैं, जबकि राज्य में किसानों, कर्मचारियों और अन्य वर्गों से जुड़े गंभीर मुद्दे मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन अहम मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की योजनाएं ला रही है।

बयान पर अडिग हैं खैरा

विवाद बढ़ने के बावजूद सुखपाल सिंह खैरा अपने बयान पर कायम नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा है और वह अपने बयान पर अडिग हैं। हालांकि उनके बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया है, जबकि विपक्ष इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से तूल दिए जाने की बात कह रहा है। फिलहाल अब सबकी नजरें महिला आयोग की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। आयोग के सामने पेशी के बाद ही इस मामले में अगला कदम स्पष्ट हो सकेगा।

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