प्रवासी भारतीय दिवस इंदौर : पधारो म्हारे घर के तहत निजी घरों में रुकेंगे प्रवासी
भारतीय संस्कृति विश्व पटल पर अंकित हो और यहां आने वाले अतिथि इंदौर से मीठी यादें अपने साथ ले जा सकें, इस उद्देश्य से यह योजना बनायी गई है
By : देशबन्धु
Update: 2022-11-30 04:07 GMT
- गजेन्द्र इंगले
इंदौर। 17वां प्रवासी भारतीय दिवस अगले वर्ष जनवरी में इंदौर में आयोजित होने जा रहा है। इस सम्मेलन में अतिथियों को मालवी और भारतीय संस्कृति से परिचय कराने के लिए "पधारो म्हारे घर" पहल शुरू की जा रही हैं। इसके लिए 100 घरों की सूची तैयार की जाएगी। मतलब प्रवासी भारतीयों को होटल की जगह घरों में रुकवा कर भारतीय माहौल दिया जाएगा। फिलहाल 10 से 15 प्रतिशत अतिथियों को ही घरों में ठहराने की योजना है। इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी ने संभ्रांत नागरिकों, फार्महाउस मालिकों, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एवं अन्य कई संस्थानों के सदस्यों से आतिथ्य प्रदान करने की सहमति मांगी हैं।
भारतीय संस्कृति विश्व पटल पर अंकित हो और यहां आने वाले प्रवासी भारतीय इंदौर से मीठी यादें अपने साथ ले जा सकें, इसलिए यह योजना बनायी गई है। अपने घरों को मेहमानों के आतिथ्य के लिए प्रस्तुत करने वालों के लिए यह पहल स्वैच्छिक होगी। जो लोग इस आतिथ्य की सहमति देंगे वे अतिथि के रुकने के साथ अपना वाहन लेकर आगमन स्थल पर अतिथियों की आगवानी व विदाई करेंगे। नगर भ्रमण और कार्यक्रम स्थल में जाने-आने के लिए भी वे अपने वाहन से अतिथियों को पहुंचाएंगे। विदेशों से आने वाले अतिथियों को परिवारिक माहौल में ठहराने के लिए यह पधारो म्हारे घर की पहल की गई है।
प्रवासी भारतीय दिवस मनाने का निर्णय एल एम सिंघवी की अध्यक्षता में भारत सरकार द्वारा स्थापित भारतीय डायस्पोरा पर उच्च स्तरीय समिति (एचएलसी) की सिफारिशों के अनुसार लिया गया था। भारत के तत्कालीन प्रधान मंत्री, अटल बिहारी वाजपेयी ने 8 जनवरी 2002 को नई दिल्ली में विज्ञान भवन में एक सार्वजनिक समारोह में समिति की रिपोर्ट प्राप्त की और 9 जनवरी 2002 को “प्रवासी भारतीय दिवस” (पीबीडी) की घोषणा की। 16वां प्रवासी भारतीय दिवस 21-23 जनवरी 2019 के दौरान वाराणसी, भारत में आयोजित किया गया था। विशिष्ट अतिथि मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ थे। अब 17वां प्रवासी भारतीय दिवस जनवरी 2023 में इंदौर में आयोजित होगा।