कल इलाहाबाद उच्च न्यायालय में डालेंगे याचिका
शहर के निजी स्कूलों की फीस वृद्घि के खिलाफ गुरुवार को अभिभावक मुख्यमंत्री से मिलने जाएंगे। इसको लेकर रविवार को नोएडा स्टेडियम में अभिभावकों की बैठक हुई
नोएडा। शहर के निजी स्कूलों की फीस वृद्घि के खिलाफ गुरुवार को अभिभावक मुख्यमंत्री से मिलने जाएंगे। इसको लेकर रविवार को नोएडा स्टेडियम में अभिभावकों की बैठक हुई। वहीं अभिभावक मंगलवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने जा रहे हैं।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों के खिलाफ शिकायतों के बाद भी प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। मजबूरी में हम लोगों को ऐसा करना पड़ रहा है। नोएडा अभिभावक संघ से जुड़े के अरुणचलम ने बताया कि अभिभावकों ने वार्षिक शुल्क को छोड़कर अन्य फीस स्कूल में जमा करा दी है।
ये फीस स्कूल के अकाउंट में ट्रांसफर कराई गई है, ताकि स्कूल प्रबंधक वार्षिक शुल्क के बिना फीस लेने से मना ना करें।
वहीं रविवार को नोएडा स्टेडियम में हुई मीटिग में गुरुवार को लखनऊ मुख्यमंत्री से मिलने का फैसला लिया गया है। इसके लिए अभिभावकों को मुलाकात का समय भी मिल गया है। सभी अभिभावक बस में बैठकर लखनऊ जाएंगे।
वहीं छुट्टियों से पहले फीस मामले में कोर्ट में सुनवाई हो जाए इसके लिए मंगलवार को कोर्ट में याचिका दायर करने जा रहे हैं। इसके साथ ही सन 2009 में उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से फीस को लेकर आदेश दिया गया था। लेकिन स्कूल कोर्ट चले गए थे और उस पर स्टे लग गया। अब हम लोग उसमें पार्टी बनेंगे।
एक वर्ष से आंदोलन जारी, पर नहीं हुई कार्रवाई
फीस को लेकर अभिभावक एक वर्ष से आंदोलन कर रहे हैं। लेकिन अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिला प्रशासन की ओर से गठित कमेटी अभी तक जांच पूरी नहीं कर सकी है।
वहीं अभिभावकों और स्कूलों की होने वाली बैठक भी नहीं हो पाई है। जिला प्रशासन के ढीले रवैये के चलते अब अभिभावकों में गुस्से में हैं। अभिभावकों ने बताया कि जिला प्रशासन ने स्कूलों के खिलाफ अधिक शिकायतों वाले चार स्कूलों की जांच के कमेटी का गठन किया था। वो जांच भी अस्थाई समय के लिए स्थगित कर दी गई।