मोबाइल से रेडिएशन का खतरा झेल रहे लोग
नगरीकरण के साथ-साथ नगर में मोबाइल टॉवरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है
खरोरा। नगरीकरण के साथ-साथ नगर में मोबाइल टॉवरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। लोगों को मोबाइल कंपनियों की सुविधा तो मिल रही है, लेकिन इनसे नुकसान भी कम नहीं है। लोगों को रेडिएशन का खतरा झेलना पड़ रहा है।
उल्लेखनीय है कि नगर में छह कंपनियों के टावर खड़े हैं। वर्तमान में 10, हजार से अधिक मोबाइल उपभोक्ता है और इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही रेडिएशन का खतरा भी बढ़ता जा रहा है मोबाइल टॉवरों से रोजाना हजारों इलेक्ट्रोमैगनेटिक रेडिएशन निकलता है। यह रेडिएशन न दिखने वाले तरंगे होती है जो हमें मानसिक व शारीरिक रुप से कमजोर बना रही है। इसके दुष्परिणाम अभी दिखाई नहीं दे रहे हैं लेकिन यह भविष्य में कई गंभीर समस्या पैदा करने वाली है। क्योंकि टावर के रेडिएशन मानक बढ़ाया जा रहे हैं । विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिदिन आधे से 1 घंटे तक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से ब्रेन कैंसर होने का खतरा 3 गुना बढ़ सकता है।
खतरे के नीचे रहवासी- मोबाइल टावर से इलेक्ट्रो मैगनेटीक रेडिएशन निकलता है जो कि मानव शरीर के लिए बहुत ही हानिकारक है। इसका प्रभाव सबसे ज्यादा टावर के आसपास निवास करने वाले लोगों पर होता है इसके दुष्परिणाम से बचने के लिए 400 मीटर की दूरी पर निवास होना चाहिए नगर के कुछ टावर घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थापित किए गए हैं। उसके नीचे और आसपास कई परिवार जीवन यापन कर रहे हैं इसके कारण इस के संपर्क में सबसे ज्यादा लोग आते हैं जो काफी घातक है कुछ टावर नगर के आउट पर स्थित है।
मानक से अधिक रेडिएशन- रेडिएशन के खतरे से बचने के लिए मोबाइल टावरों रेडिएशन का आदर्श मान 1मिलीवाट प्रति वर्गमीटर माना गया है। नगर में बीएसएनएल के टावरों का रेडीएशन मान ही उचित है । जबकि बाकी निजी कंपनी के मोबाइल टॉवरों का रटेशन मानक काफी अधिक है। विशेषका मानना है कि कुछ टॉवरों का रेडिसन तो औसत मिली वाट प्रति वर्ग मीटर से भी अधिक है, जो काफी खतरनाक है।
ऐसे बढ़ता है रेडिएसन- रेडिएसन किसी भी सूरत में लाभदायक तो है नहीं, लेकिन इसके खतरे को कम जरूर किया जा सकता है। मोबाइल कंपनी अधिक से अधिक दूर तक कवरेज करने क्षमता मतलब टावर का मानक स्तर बढ़ा देती हैं।
इससे टावर कवरेज तो करता है, लेकिन रेडिएसन क्षमता अत्यधिक बढ़ जाती है, जो मानव शरीर के लिए किसी भी सूरत में काम नहीं है। इसके विपरीत अधिक टावर लगाने पर कम रेडिएसन की मानक क्षमता कम रहेगी।
रेडिएशन की जांच जरूरी उक्त संबंध नगर पंचायत के पार्षद भरत पंसारी, रमेश अमलानी का कहना है कि जिस तेजी से नगर का नगरीकरण हो रहा है उसी तेजी से मोबाइल टॉवरों में भी बढ़ोतरी हो रही है। कवरेज एरिया बढ़ाने के कारण मोबाइल टावर अपना रेडिएशन बढ़ा देते हैं। जो लोगों के लिए खतरनाक है इसकी जांच होनी चाहिए।