ऋणशोधन व्यवस्था में 4 लाख करोड़ रुपये एनपीए वापस आया : अधिकारी

सरकार ने बुधवार को कहा कि ऋणशोधन व दिवाला संहिता (आईबीसी)-2016 बनाए जाने से बैंकों के फंसे हुए नौ लाख करोड़ रुपये के कर्ज के आधे से कम की रकम प्रणाली में वापस आ चुकी है

Update: 2018-04-04 23:43 GMT

नई दिल्ली। सरकार ने बुधवार को कहा कि ऋणशोधन व दिवाला संहिता (आईबीसी)-2016 बनाए जाने से बैंकों के फंसे हुए नौ लाख करोड़ रुपये के कर्ज के आधे से कम की रकम प्रणाली में वापस आ चुकी है। उद्योग संगठन सीआईआई की ओर से करवाए गए एक सम्मेलन में कंपनी मामलों के मंत्रालय में सचिव इंजेती श्रीनिवास ने यह जानकारी दी। इससे एक दिन पहले उनकी अध्यक्षता में ऋणशोधन विधि समिति (आईएलसी) की रिपोर्ट जारी हुई है। 

श्रीनिवास ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आईबीसी के तहत समाधान के लिए पिछले साल जून में 12 खातों का जिक्र किया था, जिनमें कुल फंसे हुए कर्ज (एनपीए) की 25 फीसदी थी। उन्होंने आगे कहा कि इन मामलों में अच्छे परिणाम आए हैं, जिससे व्यवस्था में विश्वास बढ़ाने में मदद मिलेगी। अंतिम निर्णायक राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) इस व्यवस्था का एक प्रमुख घटक है। 

उन्होंने कहा, "अगर पांच-छह अच्छे नतीजे मिल रहे हैं तो इससे घरेलू और विदेशी निवेशकों का व्यवस्था में विश्वास बढ़ेगा।"

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