मेघालय में अवैध कोयला खनन हादसा- मौत का आंकड़ा 25 पर पहुँचा

मेघालय की सबसे भीषण अवैध कोयला खनन आपदाओं में से एक में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है, जबकि नौ अन्य घायल हैं

Update: 2026-02-07 04:58 GMT

रैट-होल खदान में विस्फोट, कई प्रवासी खनिकों के फंसे होने की आशंका

  • दो गिरफ्तार, बाकी आरोपियों की तलाश जारी; पुलिस ने दर्ज की FIR
  • एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों का बचाव अभियान, भूस्खलन से मुश्किलें बढ़ीं
  • हाई कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, खदान मालिकों की गिरफ्तारी के आदेश

शिलॉन्ग। मेघालय की सबसे भीषण अवैध कोयला खनन आपदाओं में से एक में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है, जबकि नौ अन्य घायल हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

यह दुखद घटना गुरुवार सुबह पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के अंतर्गत म्यानसंगत थांगक्सो क्षेत्र में एक अवैध 'रैट-होल' कोयला खदान के अंदर डायनामाइट विस्फोट के बाद हुई।

पूर्वी जयंतिया हिल्स के जिला पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने कहा कि खनन त्रासदी के संबंध में दो व्यक्तियों शमेही वार (42) और फोर्मे च्यरमांग (36) को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि विस्फोट और अवैध खनन गतिविधि में शामिल अन्य व्यक्तियों की गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि खलीहरियात थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105/118(2)/3(5) और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम की धारा 21/21(1) तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 के तहत स्वतः संज्ञान लेते हुए एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच जारी है।

श्री कुमार ने 'यूनीवार्ता' को बताया, "खोज और बचाव दल द्वारा खदान से चार और शव निकाले गए। शिलॉन्ग के 'नेग्रिम्स' अस्पताल में एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया और ग्रामीणों द्वारा दो और मौतों की सूचना दी गई। शवों को आगे की औपचारिकताओं के लिए अस्पताल भेज दिया गया है, इसलिए मरने वालों की संख्या अब 25 हो गई है।"

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कोयला खदान के अंदर और भी लोग फंसे हुए हैं, यहाँ तक कि कोयला खनिकों के छह परिवारों ने जिला अधिकारियों को सूचित किया है कि उनके प्रियजन रैट-होल खदान के अंदर फंसे हुए हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ पीड़ित पड़ोसी राज्य असम के प्रवासी कोयला खनिक और नेपाल के नागरिक हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और विशेष बचाव दल (एसआरटी) के कर्मियों के साथ खोज और बचाव अभियान का नेतृत्व कर रहा है, लेकिन भूस्खलन के कारण एक खदान के अंदर जाना मुश्किल बना हुआ है।

न्यायमूर्ति डब्ल्यू. डेंगदोह और न्यायमूर्ति एच.एस. थांगख्यू की मेघालय उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने खनन त्रासदी का स्वतः संज्ञान लेते हुए गुरुवार को कोयला खदान मालिकों और संचालकों की तत्काल गिरफ्तारी का निर्देश दिया।

अदालत ने पूर्वी जयंतिया हिल्स के जिलाधीकारी और जिला पुलिस प्रमुख को अवैध खनन कार्यों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद नौ फरवरी को अदालत में पेश होने का भी आदेश दिया।

पीठ ने टिप्पणी की, "इस अदालत को आज (गुरुवार) शाम को ही विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि पूर्वी जयंतिया हिल्स के थांगक्सो में फिर से एक खनन त्रासदी हुई है, जिसमें बताया गया है कि तीन अवैध कोयला खदानों में विस्फोट हुआ है, जिससे जानमाल की हानि हुई है और कई लोग घायल हुए हैं।"

अदालत ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह 'समझ में नहीं आया कि 14-01-2026 को हुई एक घटना में एक व्यक्ति की जान जाने की खबर के बावजूद इस क्षेत्र में अवैध कोयला खनन कैसे जारी है।'

मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने कहा कि राज्य सरकार ने दुखद कोयला खदान घटना की 'व्यापक जांच' के आदेश दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया, "जवाबदेही तय की जाएगी और जिम्मेदार लोगों को सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। जब जीवन की सुरक्षा की बात आती है तो कोई समझौता नहीं किया जाएगा।"

संयोग से, म्यानसंगत थांगक्सो वही क्षेत्र है जहाँ 23 दिसंबर, 2025 को एक समान अवैध कोयला खदान में दो खनिकों की मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि एक खनिक की मौत 23 दिसंबर को हुई थी और अशोक तमांग नाम के दूसरे खनिक की मौत 1 जनवरी को शिलॉन्ग सिविल अस्पताल में हुई थी।

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने अप्रैल 2014 में मेघालय में खतरनाक रैट-होल कोयला खनन पर प्रतिबंध लगा दिया था।

इस बीच, राज्य के दो कैबिनेट मंत्रियों वेलदमकी शायला और लखमेन रिम्बुई ने अवैध कोयला खनन स्थल का दौरा किया और बचाव, राहत एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। मंत्रियों के साथ पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) डेविस मारक और खनन एवं भूविज्ञान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी थे।

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