म्यांमार में 6.0 तीव्रता का भूकंप, कोलकाता में दहशत के झटके
पूर्वी भारत में मंगलवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र म्यांमार में था, जहां रात 9.4 बजे आईएसटी एक शक्तिशाली भूकंप आया
पूर्वी भारत हिला! रात 9:40 पर धरती कांपी, लोग घरों से बाहर निकले
- भूकंप का केंद्र म्यांमार, बंगाल-बांग्लादेश तक महसूस हुए तेज कंपन
- कोलकाता में अफरा-तफरी: इमारतें हिलीं, लोग सड़कों पर उमड़े
- विशेषज्ञों की चेतावनी: सक्रिय सीस्मिक जोन में बार-बार आते हैं झटके
नई दिल्ली। पूर्वी भारत में मंगलवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र म्यांमार में था, जहां रात 9.4 बजे आईएसटी एक शक्तिशाली भूकंप आया।
भूकंप की तीव्रता 6.0 मैग्नीट्यूड बताई जा रही है। भूकंप का केंद्र अक्षांश 20.42 उत्तर और देशांतर 93.88 पूर्व पर स्थित था, जिसकी गहराई मुख्य रूप से 27 किलोमीटर बताई गई है। कुछ जगहों पर 10 किलोमीटर से 63 किलोमीटर तक रिपोर्ट की गई है।
भूकंप का मुख्य क्षेत्र म्यांमार (बर्मा) में है, विशेष रूप से राखाइन राज्य के निकट, जहां सित्तवे (एक्याब) से लगभग 70-100 किलोमीटर पूर्व या उत्तर दिशा में, एन टाउन के आसपास का इलाका प्रभावित रहा।
यह भूकंप उथली गहराई पर होने के कारण काफी तेज महसूस हुआ। म्यांमार के कई इलाकों में भारी कंपन हुआ, लेकिन तत्काल कोई बड़े नुकसान या हताहत की रिपोर्ट नहीं आई है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कर रहा है।
भारत के पूर्वी हिस्सों में, खासकर कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में मजबूत झटके महसूस किए गए। लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए, इमारतें हिलीं और वस्तुएं गिरने लगीं। कोलकाता में कुछ मिनटों के लिए अफरा-तफरी मच गई, लेकिन कोई बड़ा नुकसान या हताहत नहीं हुआ। बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में भी झटके महसूस हुए, जहां लोग सड़कों पर उतर आए।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) और अन्य एजेंसियां स्थिति पर नजर रख रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह क्षेत्र इंडियन प्लेट और बर्मा प्लेट के टकराव वाला सक्रिय सीस्मिक जोन है, जहां ऐसे भूकंप आम हैं। उथली गहराई (10-60 किमी) के कारण कंपन दूर तक फैला।