नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा ने मिलाया हाथ, रालोसपा और जदयू का हुआ विलय
रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने आज बड़ी संख्या में अपने समर्थकों एवं पदाधिकारियों के साथ पार्टी का जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में विलय कर लिया
पटना। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने आज बड़ी संख्या में अपने समर्थकों एवं पदाधिकारियों के साथ पार्टी का जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में विलय कर लिया।
बिहार के मुख्यमंत्री एवं जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार एवं अन्य कद्दावर नेताओं की उपस्थिति में यहां पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में श्री कुशवाहा अपने पार्टी पदाधिकारियों के साथ जदयू में रालोसपा के विलय की घोषणा की। इसके बाद शामिल नेताओं को जदयू की सदस्यता ग्रहण कराई गई।
इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उपेंद्र कुशवाहा को जदयू संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाये जाने की घोषणा की। इसके बाद नीतीश कुमार ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से कहा कि उनके इस निर्णय से खुश हैं न, जिस पर सभी लोगों ने हाथ उठाकर अपनी सहमति जताई। उन्होंने कहा कि इसके बाद आगे और भी कुछ सोचा जाएगा।
नीतीश कुमार ने कहा, “हमलोग राजनीति करते हैं लेकिन राजनीति का मतलब किसी खास वर्ग को लेकर चलना नहीं बल्कि सबको साथ लेकर चलना है। अब कुशवाहा पार्टी में आ गए हैं, सबको मिलकर चलना है। आपकी कोई ख्वाहिश नहीं है लेकिन हमलोग आपके लिए सोचेंगे। आपकी प्रतिष्ठा है और आपकी हैसियत भी है। ऐसे में हमलोग सोचेंगे। जो उनकी इच्छा थी उसकी उन्होंने तत्काल घोषणा कर दी है।”
मुख्यमंत्री ने इस दौरान शराबबंदी की चर्चा की और सवाल उठाने वालों को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “हम गुस्साते नहीं सदन में जब कोई सदस्य बीच में टोका-टोकी करते हैं तो हम समझाने की कोशिश करते हैं लेकिन मीडिया वाले कहते हैं हम गुस्सा गए। शराबबंदी की गई तो कुछ लोग इसका विरोध करते हैं और कहते हैं कि हर जगह शराब की सप्लाई हो रही है। यदि शराब सप्लाई की जानकारी किसी को है तो वह इसकी सूचना क्यों नहीं देते।
शामिल होने के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, “यह दल हमारे लिये नया नहीं है। आज का मिलन तो सिर्फ औपचारिकता थी। जब हमने अलग दल बनाया तो कई उतार-चढ़ाव हुए। इस बार के विधानसभा चुनाव में जनता का सीधा आदेश हुआ कि वह बिना देर किये नीतीश कुमार के साथ रहें। हमलोगों ने काफी समय तक श्री कुमार के साथ मिलकर संघर्ष किया था।”
उपेंद्र कुशवाहा ने बिना किसी दल के नेता का नाम लिये कहा कि वैसे लोगों के मंसूबे को कभी कामयाब नहीं होने देंगे जो नीतीश कुमार को कमजोर करने की ताक में थे इसलिए जनता के आदेश पर आज से वह श्री कुमार के नेतृत्व में काम करेंगे। रालोसपा पूरी तरह से जदयू की हो गई है। उन्होंने कहा कि बगैर किसी शर्त के उनकी घर वापसी हुई है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में सेवा करने का फैसला लिया है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या तय हुआ है लेकिन यह गलत बात है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की सेवा करने का संकल्प लिया है। श्री कुमार जो भी जिम्मेवारी देंगे वह काम करेंगे, यदि नहीं देंगे फिर भी हर कार्यकर्ता काम करेगा। पार्टी को और मजबूती देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अब वह जदयू के हो गए हैं। जदयू को फिर से नंबर वन पार्टी बनाने का काम करना है। उन्होंने नीतीश कुमार से कहा कि वह काम करते रहें, पार्टी का एक-एक सिपाही मजबूती से आपके साथ खड़ा है।