'यूपी में सपा को खत्म करना चाहती है कांग्रेस,' सीट बंटवारे की खबरों पर ओपी राजभर
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी को 172 सीटों की एक सूची सौंपी है। इस पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस सीट-शेयरिंग की आड़ में समाजवादी पार्टी को कमजोर करना चाहती है।;
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत की खबरें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी को 172 सीटों की एक सूची सौंपी है। इस पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस सीट-शेयरिंग की आड़ में समाजवादी पार्टी को कमजोर करना चाहती है।
अंबेडकर नगर में मीडिया से बात करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा, "कांग्रेस चाहती है कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में खत्म हो जाए। जिस तरह बंगाल में टीएमसी और बिहार में तेजस्वी यादव की पार्टी को कमजोर करने की कोशिश हुई, उसी तरह कांग्रेस की सोच है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े प्रदेश में सपा को खत्म किया जाए।"
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने सपा को 172 सीटों की सूची दी है, लेकिन समाजवादी पार्टी इतनी सीटें देने के लिए तैयार नहीं है। अगर कांग्रेस अपनी इस मांग पर अड़ी रही, तो गठबंधन हो पाना मुश्किल हो जाएगा।
राजभर ने दावा किया कि कांग्रेस की मंशा है कि अखिलेश यादव अक्टूबर तक सीटें फाइनल कर दें ताकि वह अपनी तैयारी शुरू कर सके, जबकि अखिलेश यादव की रणनीति अलग है। वह चाहते हैं कि चरणबद्ध तरीके से सीटों का फैसला हो, पहले चरण के चुनाव में जितनी सीटें देनी हैं, उतनी तय हों, फिर दूसरे और तीसरे चरण के लिए अलग से फैसला लिया जाए। इसी वजह से कांग्रेस के नेता जल्दबाजी में हैं और चाहते हैं कि सीट बंटवारा जल्दी हो ताकि वे चुनावी तैयारियों में जुट सकें।
दूसरी तरफ, लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने गठबंधन को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन तय है और इस पर कोई संशय नहीं होना चाहिए।
फखरुल हसन ने कहा, "राहुल गांधी और अखिलेश यादव लगातार इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं। अखिलेश यादव पहले ही कह चुके हैं कि अब सवाल सीटों की संख्या का नहीं है। कितनी सीटें किसे मिलेंगी, यह दोनों दल आपस में बैठकर तय कर लेंगे। हम सबका लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी को हराना है।"
ओम प्रकाश राजभर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा प्रवक्ता ने कहा, "ओम प्रकाश राजभर को बीजेपी दो सीटें दे रही है। इतनी खिचड़ी पकाने और बीजेपी का गुणगान करने के बाद भी उन्हें केवल दो सीटें मिली हैं। उन्हें अपनी चिंता करनी चाहिए। बीजेपी तीसरी सीट देने को तैयार नहीं है और कह रही है कि दो सीट ले लो और खुद लड़ लो, वो भी उनकी पसंद की सीट नहीं। जहां से वह लड़ना चाहते हैं, वहां से संजय निषाद मांग कर रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी उन्हें पिता-पुत्र दोनों को भी चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दे रही है। ऐसे में जिन लोगों को गठबंधन में सिर्फ दो सीटें मिल रही हैं, उन्हें पहले अपना घर और अपना दल देखना चाहिए। समाजवादी पार्टी बीजेपी और उसके बड़बोले सहयोगियों को हराने का काम करेगी।