SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन, 145 संगठनों का समर्थन; बंगला साहिब के आसपास 4 घंटे ट्रैफिक बंद
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन आयोजित किया गया। 145 संगठनों के समर्थन वाले आंदोलन के मद्देनजर गुरुद्वारा बंगला साहिब के आसपास दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक यातायात प्रतिबंधित रखने की एडवाइजरी जारी की गई।;
नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गुरुवार, 23 अक्टूबर को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। ‘पीपल अगेंस्ट SIR’ गठबंधन और किसान संगठनों के आह्वान पर प्रदर्शनकारियों ने गुरुद्वारा बंगला साहिब से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने की तैयारी की। इस आंदोलन को 145 संगठनों का समर्थन मिलने की बात कही गई है। इनमें वामपंथी छात्र संगठन और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) से जुड़े संगठन भी शामिल हैं।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, मतदाता सूची से हटाए गए नामों को दोबारा शामिल करना और चुनाव में बैलेट पेपर के इस्तेमाल की मांग शामिल है। आयोजकों का कहना है कि SIR प्रक्रिया को लेकर उनकी आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
बंगला साहिब के आसपास चार घंटे यातायात प्रभावित
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की। इसके मुताबिक, गुरुद्वारा बंगला साहिब के आसपास की सड़कों पर दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक यातायात प्रतिबंध लागू रखने की जानकारी दी गई। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई।
इस दौरान नई दिल्ली के आसपास से गुजरने वाले वाहन चालकों को जाम और मार्ग परिवर्तन का सामना करना पड़ सकता है। लोगों को सलाह दी गई कि वे यात्रा पर निकलने से पहले यातायात संबंधी अपडेट देखें और संभव हो तो वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।
आयोजकों के मुताबिक, आंदोलन से जुड़े प्रदर्शन देश के 88 शहरों में आयोजित किए जाने की योजना थी। इनकी जानकारी साझा करने के लिए ऑनलाइन लाइव ट्रैकर की व्यवस्था भी की गई।
प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव और राकेश टिकैत के शामिल होने की उम्मीद
प्रदर्शन में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, परकला प्रभाकर, अभिनेता प्रकाश राज और किसान नेता राकेश टिकैत समेत अन्य लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई। हालांकि, सभी लोगों की मौजूदगी की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
वंचित बहुजन आघाड़ी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने भी चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन का उल्लेख किया। उन्होंने 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में मतों की संख्या में वृद्धि से जुड़े आंकड़ों पर सवाल उठाने और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित मार्च की बात कही। उनके मुताबिक, 28 अक्टूबर को मुंबई में प्रस्तावित मार्च में राजनीतिक दलों के झंडों के बजाय तिरंगा लेकर लोग शामिल होंगे।
SIR पर राजनीतिक और कानूनी बहस जारी
SIR प्रक्रिया को लेकर विरोध के बीच चुनाव आयोग की भूमिका और मतदाता सूची में बदलाव पर बहस तेज है। प्रदर्शनकारी प्रक्रिया की समीक्षा और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। वहीं, इस मुद्दे पर उठाए जा रहे सवालों और आरोपों का मूल्यांकन संबंधित तथ्यों तथा आधिकारिक जवाबों के आधार पर किया जाना जरूरी है।
दिल्ली में इसी दिन CJP नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट अदालत में पेशी और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई भी चर्चा में रही। इन घटनाक्रमों के बीच राजधानी में राजनीतिक विरोध, कानूनी कार्यवाही और यातायात प्रबंधन पर नजर बनी हुई है।