उत्तर भारत में हाड़ गलाने वाली ठंड, पहाड़ों पर बर्फ तो दिल्ली-NCR में शीतलहर का कहर
दिल्ली में शुक्रवार को साल की हुई पहली बारिश से तापमान में तेजी से गिरावट आई है। शनिवार सुबह दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में शीतलहर चल रही है। तेज हवाओं के चलते लोगों की कंपकंपी छूट रही है।
नई दिल्ली। उत्तर भारत के कई राज्य शीतलहर की चपेट में आ गए हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में शुक्रवार को हुई बर्फबारी से मौसम में अचानक से बदलाव हुआ है। एकदम से हाड़ गलाने वाली ठंड बढ़ गई है। शुक्रवार को पूरे दिन भारी बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में शनिवार को घना कोहरा देखने को मिला रहा है।
यहां तक की कई इलाकों में शनिवार सुबह से ही ठंडी हवाएं चल रही हैं। तेज हवाओं के चलते लोगों की कंपकंपी छूट रही है। आईएमडी ने दिल्ली में शीतलहर की स्थिति बनी रहने का अनुमान जताया है।
बीती रात से बसंत पंचमी के दिन ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी के साथ कुछ जगहों पर भारी बर्फबारी व बारिश दर्ज की गई। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तरप्रदेश, राजस्थान के कई हिस्सों में हुई बारिश ने तापमान को एकदम से गिरा दिया। मौसम विभाग के अनुसार दो दिनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी। 24 और 25 जनवरी को पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।
राजस्थान के लिए अलर्ट जारी
आईएमडी ने राजस्थान के कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए हैं। 25 जनवरी से घने कोहरे और शीतलहर की स्थिति के लिए भी चेतावनी जारी की गई है।
उत्तराखंड, हिमाचल, कश्मीर में बर्फबारी
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 22 से 26 जनवरी के बीच जमकर बर्फबारी और बारिश हुई है, जबकि दिल्ली में शुक्रवार को हुई बारिश ने ठंड को और तेज कर दिया। आने वाले दिनों में भी घना कोहरा, ठंडी हवाएं और गिरता तापमान राजधानी में बने रहने का अनुमान है। IMD के अनुसार पहाड़ों में यह बर्फबारी एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ का परिणाम है, जिसने वेस्टर्न हिमालयन रीजन में भारी से अत्यधिक बर्फबारी हुई।
कश्मीर–हिमाचल में बर्फबारी के बाद बर्फ की मोटी परत
कश्मीर और हिमाचल के पहाड़ी क्षेत्रों में इस सीजन की सबसे ज्यादा बर्फबारी दर्ज की गई है। गुलमर्ग, पहलगाम, सोनमर्ग—हर जगह ताजा बर्फ की मोटी परत बिछी और कम ऊंचाई वाले इलाकों में भी हल्की बर्फबारी हुई। शोपियां, लोलाब वैली जैसे इलाकों में कई फीट बर्फ गिरी, जिसकी वजह से कई मार्ग बंद करने पड़े। हिमाचल के शिमला, मनाली, कुफरी, डलहौज़ी, लाहौल‑स्पीति और किन्नौर जैसे पर्यटन स्थलों ने बर्फ से सराबोर होकर पर्यटन को नई जान दे दी है।
पहाड़ों में आफत बनीं बर्फ
हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के कारण दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 565 सड़कों को बंद कर दिया गया है और लगभग 4,800 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। बर्फबारी के कारण राज्यभर में बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने 24 और 25 जनवरी को राज्य के ऊपरी इलाकों में भारी बर्फबारी जारी रहने का अनुमान जताया है।
वहीं कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली एकमात्र साल भर खुली रहने वाली सड़क, 270 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग को बर्फबारी की वजह से यातायात के लिए बंद करना पड़ा है जिससे, हजारों वाहन फंसे हुए हैं।
यातायात विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर नवयुग सुरंग (बनिहाल-काजीगुंड खंड में) के आसपास ताजा बर्फबारी के कारण जम्मू से श्रीनगर और श्रीनगर से जम्मू-श्रीनगर जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया है।
दिल्ली में बारिश, कोहरा और तेज ठंड, लौटी शीतलहर
दिल्ली में शुक्रवार रात से ही मौसम ने अचानक से पलटी मारी। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश हुई और कई इलाकों में घना कोहरा छा गया। सुबह‑सुबह विजिबिलिटी भी 100–200 मीटर तक सिमट गई। IMD ने बताया है कि 23–24 जनवरी के बाद दिल्ली में तापमान 5–6°C तक गिर सकता है और यह शीतलहर का दौर सप्ताह के आखिरी तक जारी रहेगा। बारिश के बाद बची नमी और पहाड़ों से आती ठंडी हवाएं राजधानी को दोबारा कड़ाके की सर्दी की ओर धकेल रही हैं।
क्यों पड़ रही है इतनी तेज सर्दी?
पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी हो रही है। बर्फबारी के बाद साफ आसमान होता है और रात में तापमान तेजी से गिरता है। बारिश के बाद घना कोहरा ठंडक को और बढ़ा रहा है। उत्तर‑पश्चिम से आने वाली ठंडी हवाएं, जो दिल्ली‑एनसीआर को सीधे प्रभावित करती हैं। सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि उत्तर भारत के और भी मैदानी इलाकों में शीतलहर की स्थिति है।