राहुल गांधी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर लगाया “पार्टी चोरी” का आरोप
राहुल गांधी ने सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार और चुनाव आयोग पर पार्टी चोरी करने का आरोप लगाया है;
राहुल गांधी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर लगाया “पार्टी चोरी” का आरोप
संयुक्त राष्ट्र का दावा, ईरान पर अमेरिकी हमलों में युद्ध अपराध संभव
एन चंद्रशेखरन को फिर चुना गया टाटा संस का चेयरमैन, टाटा ट्रस्ट ने जताया विरोध
रूस में संसदीय चुनाव शुरू, पुतिन की पार्टी की जीत तय
राहुल गांधी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर लगाया “पार्टी चोरी” का आरोप
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार और चुनाव आयोग पर पार्टी चोरी करने का आरोप लगाया है. पश्चिम बंगाल की ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) से जुड़े चुनाव आयोग के एक फैसले को लेकर राहुल गांधी ने यह हमला बोला है. उन्होंने लिखा, “वोट चोरी. सरकार चोरी. अब पार्टी चोरी - ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं.”
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में हार के बाद (एआईटीसी) दो धड़ों में बंट गई थी और दोनों ही पक्ष पार्टी पर अपना हक जता रहे हैं. इस मामले में अंतरिम फैसला सुनाते हुए चुनाव आयोग ने गुरुवार को कहा कि इस विवाद का अंतिम समाधान होने तक कोई भी धड़ा नाम "अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस" नाम और फूल और घास वाले पार्टी चिन्ह का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा.
इस फैसले को लेकर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पहले शिवसेना, फिर एनसीपी और अब तृणमूल कांग्रेस. हर बार एक ही पैटर्न - बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं. फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है.” उन्होंने आगे लिखा कि जब पूरी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं.
ईरान युद्ध के चलते पाकिस्तान और बांग्लादेश में ऊर्जा का संकट
ईरान युद्ध के चलते ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की वजह से पाकिस्तान और बांग्लादेश में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है. पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में कमी लाने के लिए सब्सिडी देने की घोषणा की गई है. इस सब्सिडी के लिए वाहन मालिकों को रजिस्टर करना होगा. हालांकि, कई वाहन मालिकों का कहना है कि यह कार्यक्रम ठीक ढंग से काम नहीं कर रहा है.
पाकिस्तान में गुरुवार को सरकारी वाहनों के लिए ईंधन में कटौती करने की भी घोषणा की गई है. सरकार द्वारा वाहनों की खरीद पर रोक लगा दी गई है और अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. पाकिस्तान में इस बार दूसरी बार ऐसे उपायों की घोषणा की गई है. इससे पहले मार्च में ईंधन बचाने के लिए स्कूलों को दो हफ्तों के लिए बंद कर दिया गया था.
बांग्लादेश में ऊर्जा की कमी का असर कपड़ा उद्योग को प्रभावित कर रहा है. बीकेएमईए व्यापार समूह द्वारा कपड़ा फैक्ट्रियों के एक सर्वे में पाया गया कि अगस्त के आखिर से गैस और बिजली की कमी के कारण 55 फीसदी फैक्ट्रियों में खरीदारों ने ऑर्डर रद्द कर दिए या कम कर दिए और 78 फीसदी ने उत्पादन आंशिक रूप से रोक दिया.
फरवरी के आखिर में ईरान पर अमेरिका और इस्राएल के हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस के निर्यात में बाधा उत्पन्न हुई, जो अभी तक जारी है. अब सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों के बीच चल रही लड़ाई से लाल सागर के रास्ते होने वाले व्यापार पर भी खतरा मंडरा रहा है.
रूस में संसदीय चुनाव शुरू, पुतिन की पार्टी की जीत तय
रूस के सुदूर पूर्वी हिस्सों में शुक्रवार तड़के मतदान केंद्र खुलने के साथ ही तीन दिवसीय संसदीय चुनावों की शुरुआत हो गई है. यूक्रेन युद्ध के पांचवें साल में दाखिल होने के बीच हो रहे इस चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पार्टी 'यूनाइटेड रूस' की जीत लगभग तय मानी जा रही है.
फरवरी 2022 में यूक्रेन में सेना भेजने के बाद रूस में यह पहला संसदीय चुनाव है. तब से जारी इस संघर्ष में अब तक लाखों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. चुनाव में केवल उन्हीं राजनीतिक दलों को शामिल होने की अनुमति दी गई है जो पुतिन और क्रेमलिन के इस सैन्य अभियान का समर्थन करते हैं. इसके अलावा, मास्को ने यूक्रेन के कब्जे वाले इलाकों में भी मतदान का आयोजन किया है.
रूस में इस बात को लेकर शायद ही किसी को संदेह है कि पुतिन की पार्टी एक बार फिर आसान जीत दर्ज करेगी. हालांकि, क्रेमलिन के लिए यह चुनाव यूक्रेन युद्ध को लेकर जनता के समर्थन का आकलन करने का एक मौका है, क्योंकि इस युद्ध का असर अब देश के भीतर पहले से कहीं ज्यादा महसूस किया जा रहा है.
रूसी संसद के निचले सदन 'ड्यूमा' की 450 सीटों के लिए यह मतदान रविवार शाम तक चलेगा. पुतिन 1999 के अंत से ही रूस के शीर्ष नेतृत्व पर काबिज हैं और 2000 के दशक की शुरुआत से उनकी पार्टी का रूसी राजनीति पर पूरा दबदबा रहा है.
एन चंद्रशेखरन को फिर चुना गया टाटा संस का चेयरमैन, टाटा ट्रस्ट ने जताया विरोध
भारत की टाटा संस ने गुरुवार, 17 सितंबर को घोषणा की कि उसके बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन को अगले पांच साल के लिए एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाने के पक्ष में मतदान किया है. चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म हो रहा है. उन्होंने पिछले महीने कहा था कि वे एक और कार्यकाल की मांग नहीं करेंगे. इसके बाद टाटा ग्रुप ने एक बयान में कहा था कि बोर्ड ने उनसे अपने फैसले पर विचार करने के लिए कहा था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया.
टाटा संस में करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाले टाटा ट्रस्ट ने चंद्रशेखरन की नियुक्ति पर एतराज जताया है. टाटा ट्रस्ट ने अपने बयान में इस नियुक्ति को गैरकानूनी करार दिया है. इस घटनाक्रम से टाटा समूह में बीते कुछ समय से जारी उठापटक सबसे सामने आ गई है. न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, टाटा समूह पिछले करीब एक साल से नेतृत्व के संकट से जूझ रहा है. समूह के बोर्डरूम में टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग और समूह की कुछ कंपनियों को नुकसान होने जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं.
टाटा संस, टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी और प्रमोटर है. टाटा एक विशाल समूह है जिसके कारोबार नमक से लेकर सॉफ्टवेयर तक फैले हुए हैं. साल 2024-25 में टाटा समूह की कंपनियों का राजस्व 180 अरब डॉलर से अधिक था. ये कंपनियां सामूहिक रूप से दस लाख से अधिक लोगों को रोजगार देती हैं. टाटा ट्रस्ट, समूह के रोजमर्रा के प्रबंधन में कोई भूमिका नहीं निभाता है, लेकिन टाटा संस में बड़ी हिस्सेदारी होने के चलते बड़े फैसलों में उनका दखल होता है.
200 साल बाद मेक्सिको को वापस मिली एज्टेक पांडुलिपि
फ्रांस की नेशनल लाइब्रेरी से 1840 के बाद पहली बार 'एजकाटिटलान कोडेक्स' नाम की एक दुर्लभ एज्टेक पांडुलिपि मेक्सिको लौटी है. यह 16वीं शताब्दी की ऐतिहासिक पांडुलिपि है, जिसे गुरुवार को मेक्सिको सिटी में प्रदर्शन के लिए रखा गया. दोनों देशों के बीच 200 साल के राजनयिक संबंधों के जश्न के अवसर पर फ्रांस ने इसे अस्थायी रूप से कुछ समय के लिए मेक्सिको को सौंपा है.
यह ऐतिहासिक दस्तावेज एज्टेक साम्राज्य के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण दृश्य अभिलेखों में से एक माना जाता है. इसमें एज्टेक राजधानी की स्थापना से लेकर स्पेनिश हमलावरों के आगमन के बाद साम्राज्य के पतन तक की पूरी कहानी को जीवंत चित्रलेखों के माध्यम से दर्ज किया गया है.
यह पांडुलिपि तीन अलग-अलग हिस्सों में बंटी हुई है. इसमें मेसोअमेरिकन चित्रलेखों के साथ साथ यूरोपीय लेखन शैली का मिश्रण देखने को मिलता है. यह मेक्सिका समुदाय की अज्टलान (एज्टेक सभ्यता का काल्पनिक जन्मस्थान) से प्रवास की यात्रा को दर्शाती है. इसमें 'टेनोचटिटलान' की स्थापना की कहानी शामिल है, जो आगे चलकर एज्टेक साम्राज्य की राजधानी बनी और जिसे आज हम मेक्सिको सिटी के नाम से जानते हैं.
संयुक्त राष्ट्र का दावा, ईरान पर अमेरिकी हमलों में युद्ध अपराध संभव
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा गठित एक स्वतंत्र जांच आयोग ने कहा है कि उसके पास यह मानने के पुख्ता कारण हैं कि अमेरिका ने ईरान में दो हमलों के दौरान युद्ध अपराध किए हैं. इनमें से एक हमला दक्षिणी ईरानी शहर मीनाब के एक स्कूल पर हुआ था.
दूसरी ओर इस रिपोर्ट में ईरान की सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के धार्मिक शासन ने देश में फैले विरोध प्रदर्शनों और अशांति के दौरान अपने ही लोगों के खिलाफ मानवता विरोधी अपराधों को अंजाम दिया है.
साल 2022 में बने इस जांच मिशन की अध्यक्षता बांग्लादेश की कानूनविद सारा हुसैन कर रही हैं. यह स्वतंत्र विशेषज्ञों का एक समूह है, जो फरवरी में शुरू हुए ईरान युद्ध के दौरान अमेरिकी कार्रवाई और दिसंबर के अंत से शुरू हुए राष्ट्रव्यापी असंतोष पर ईरानी सरकार के कदमों की जांच कर रहा था. यह दल अपनी रिपोर्ट मानवाधिकार परिषद के सामने पेश करने वाला है.
संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट पर व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने बयान जारी करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र का यह शीर्ष मानवाधिकार निकाय दशकों से सिर्फ गैर-गंभीर बातें कर रहा है और इसने मानवाधिकारों के लिए कुछ नहीं हासिल किया है.