गौतमबुद्धनगर में आंधी-तूफान और वज्रपात को लेकर प्रशासन का अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील

मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर ने जिले के लोगों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए आगामी दिनों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार 28 मई से 31 मई 2026 तक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान तेज आंधी, तूफान, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना जताई गई है।;

Update: 2026-05-28 12:20 GMT

गौतमबुद्धनगर। मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर ने जिले के लोगों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए आगामी दिनों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रशासन के अनुसार 28 मई से 31 मई 2026 तक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान तेज आंधी, तूफान, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना जताई गई है।

जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार 29 मई को मौसम का असर सबसे अधिक देखने को मिल सकता है। इस दिन कई क्षेत्रों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जबकि हवा के झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। मौसम विभाग ने गौतमबुद्धनगर को ऑरेंज ज़ोन में रखा है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि खराब मौसम के दौरान जनहानि, पशुहानि और संपत्ति के नुकसान से बचने के लिए सभी लोगों को सतर्क रहना बेहद जरूरी है। जिला प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे मौसम संबंधी अलर्ट और चेतावनी प्राप्त करने के लिए अपने मोबाइल फोन में “दामिनी ऐप” और “सचेत ऐप” अवश्य डाउनलोड करें। इन ऐप्स के माध्यम से आंधी, तूफान, वज्रपात और खराब मौसम की पूर्व सूचना समय रहते प्राप्त की जा सकती है।

प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे, मोबाइल टावरों और ऊंची इमारतों के पास खड़े होने से बचें। बच्चों को खुले मैदान में खेलने न भेजें और बिजली के उपकरणों, लोहे की खिड़कियों, दरवाजों तथा हैंडपंप को छूने से परहेज करें। इसके अलावा धातु वाले छाते का प्रयोग न करने और खुले वाहनों में यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। वज्रपात के समय लोगों को तालाब, नदी और तैराकी जैसी गतिविधियों से दूर रहने को कहा गया है।

यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो तुरंत किसी पक्के भवन में शरण लेने की सलाह दी गई है। सुरक्षित स्थान न मिलने पर दोनों कान बंद कर पैरों को सटाकर घुटनों के बल बैठने की सलाह दी गई है। खेतों में काम कर रहे किसानों को भी तुरंत सुरक्षित और सूखी जगह पर पहुंचने को कहा गया है। जिला आपदा विशेषज्ञ ने बताया कि “दामिनी ऐप” लगभग 20 से 40 किलोमीटर क्षेत्र में संभावित बिजली गिरने की चेतावनी देता है, जबकि “सचेत ऐप” के माध्यम से मौसम अलर्ट और विभिन्न आपदाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी दैनिक अलर्ट का पालन करें और सतर्क रहकर स्वयं तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।


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