नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह स्थित ऑयल पोर्ट पर हुए हमले को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस घटना में तीन भारतीय नागरिकों के घायल होने पर सरकार ने गहरी चिंता और नाराजगी जताई है। भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आम लोगों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।
तीन भारतीयों के घायल होने पर चिंता
सरकार ने अपने बयान में कहा कि फुजैराह हमले में भारतीय नागरिकों के घायल होने की खबर बेहद चिंताजनक है। विदेश मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे हमले अंतरराष्ट्रीय मानकों के खिलाफ हैं और निर्दोष लोगों को नुकसान पहुंचाना अस्वीकार्य है। भारत ने संबंधित पक्षों से अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है।
हिंसा रोकने और संयम बरतने की अपील
भारत ने सभी पक्षों से तुरंत हिंसा रोकने और स्थिति को और न बिगाड़ने का आग्रह किया है। बयान में कहा गया कि मौजूदा तनाव को बढ़ाने के बजाय शांति और स्थिरता की दिशा में कदम उठाना जरूरी है। भारत ने साफ किया कि आम नागरिकों को निशाना बनाना किसी भी संघर्ष का समाधान नहीं हो सकता।
कूटनीति को बताया एकमात्र रास्ता
भारत ने इस पूरे संकट के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति को ही सबसे प्रभावी तरीका बताया है। सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं। इसलिए सभी देशों को मिलकर संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए।
होर्मुज स्ट्रेट पर भारत की स्पष्ट राय
भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में जहाजों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रहनी चाहिए। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है और इसमें किसी भी तरह की रुकावट का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
UAE का आरोप, ईरान की चुप्पी
इससे पहले UAE ने दावा किया था कि फुजैराह पर हुआ हमला ईरान की ओर से किया गया। UAE के अनुसार, उसने 12 बैलिस्टिक मिसाइल, 3 क्रूज मिसाइल और 4 ड्रोन को सफलतापूर्वक रोक लिया। हालांकि, ईरान ने इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे स्थिति और अस्पष्ट बनी हुई है।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि आम नागरिकों और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। पीएम मोदी ने शांति बनाए रखने और हिंसा से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया।
ड्रोन हमले से भड़की आग
फुजैराह के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोलियम प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद वहां भीषण आग लग गई। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। खास बात यह है कि यह इलाका होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने वाले ऊर्जा मार्ग का हिस्सा है, जिससे इसका रणनीतिक महत्व और बढ़ जाता है।
अमेरिका की ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ पहल
इस बीच अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास “प्रोजेक्ट फ्रीडम” नामक पहल शुरू की है। इसका उद्देश्य इस क्षेत्र में फंसे विदेशी जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना और समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखना है। अमेरिका का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को बाधित नहीं होने देगा।
वैश्विक चिंता और बढ़ता तनाव
फुजैराह हमले और उसके बाद की घटनाओं ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है। इसका असर न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा पर बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और व्यापार पर भी पड़ सकता है। भारत जैसे देश, जो ऊर्जा आयात पर काफी हद तक निर्भर हैं, इस स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।