मानसून ने पकड़ी रफ्तार, उत्तर से दक्षिण तक आंधी-तूफान का खतरा, कई राज्यों में भारी बारिश और लू का अलर्ट

मानसून ने देशभर में रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर से दक्षिण भारत तक कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट जारी है, जबकि कुछ इलाकों में लू का असर बरकरार है।;

Update: 2026-06-23 03:17 GMT
नई दिल्ली।देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने दोबारा गति पकड़ ली है, वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में आंधी-तूफान, भारी बारिश, ओलावृष्टि और लू जैसी परिस्थितियां एक साथ देखने को मिल रही हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर से दक्षिण भारत तक कई राज्यों के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी की है।

पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी, कई इलाकों में बादल फटने जैसी स्थिति

हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ली है। रोहतांग दर्रा और पांगी घाटी की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि कुल्लू, चंबा, मंडी और कांगड़ा के निचले इलाकों में तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। इससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

वहीं जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले के कंडी क्षेत्र में देर रात बादल फटने के कारण अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। कई इलाकों में जलभराव हो गया और जनजीवन प्रभावित हुआ। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

आंधी-तूफान और बिजली गिरने से बढ़ा खतरा

आईएमडी के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आईं।

झारखंड में बिजली गिरने से 11 लोगों की मौत हो गई। सबसे अधिक चार मौतें खूंटी जिले में दर्ज की गईं, जबकि रामगढ़, देवघर, जामतारा, साहिबगंज, गिरिडीह और लोहरदगा में भी जनहानि हुई है।

राजस्थान और बिहार में विशेष अलर्ट

मौसम विभाग ने राजस्थान के कई जिलों में धूल भरी आंधी और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। हवा की गति 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है।

मध्य भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा मानसून

करीब दो सप्ताह की धीमी प्रगति के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों को कवर कर चुका है। अगले 48 घंटों में इसके झारखंड, बिहार, ओडिशा और महाराष्ट्र के अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने से खरीफ फसलों की बुआई को गति मिलेगी और उत्तर एवं मध्य भारत को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।

यूपी से तेलंगाना तक गर्मी का असर कायम

बारिश के बावजूद देश के कई हिस्सों में गर्मी का प्रकोप बना हुआ है। प्रयागराज में अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा। महाराष्ट्र के वर्धा में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा वाराणसी, कानपुर, बहराइच, बांदा, अमरावती, अदिलाबाद और दतिया समेत कई शहरों में पारा 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने तथा बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

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