कुम्भ में दस करोड़ लोगों के आने की संभावना: अग्रवाल
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज कुम्भ मेला में इस बार देश और विदेश से लगभग दस करोड़ लोगों के आने की सम्भावना है
चंडीगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज कुम्भ मेला में इस बार देश और विदेश से लगभग दस करोड़ लोगों के आने की सम्भावना है तथा राज्य सरकार ने ऐसे हर व्यक्ति के लिये मेला को अविस्मरणीय और सुखद अनुभव बनाने के लिये जन एवं ढांचागत सुविधाओं और सुरक्षा की चाकचौबंद व्यवस्था समेत अभूतपूर्व इंतज़ाम किये हैं।
कुम्भ मेला के लिये हरियाणा के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, साधुओं संतों और आमजन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूत के रूप में आमंत्रण देेने आए राज्य के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी देते हुये बताया कि कुम्भ मेला का आयोजन 15 जनवरी से चार मार्च तक किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि देश की स्मृद्ध पुरातन संस्कृति को जीवित रखने के लिये इतिहास में पहली बार कुम्भ मेला का व्यापक स्तर पर आयोजन किया जा रहा है जिसमें लगभग 196 देशों के प्रतिनिधियों और पांच हजार प्रवासी भारतीयों समेत लगभग दस करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों संगम में डुबकी लगाएंगे।
उन्होंने बताया कि कुम्भ मेला परिसर लगभग 3200 हैक्टेयर में विकसित किया गया है जिसे 24 सैक्टरों में विभाजित कर लगभग 20 हजार लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।
लगभग दस हजार लोगों की क्षमता वाला गंगा पंडाल, एक प्रवचन पंडाल, चार सांस्कृतिक पंडाल, दस हजार सुपर लग्जरी कॉटेज, पांच हजार अन्य टेंट, पर्याप्त रोशनी के लिये चालीस हजार से अधिक एलईडी लाईट्स, यातायाता तथा सुरक्षा की दृष्टि से एक हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे, उचित जानकारी हेतु दो हजार से अधिक साईनेज, लगभग सवा लाख शौचालय, बीस हजार डस्टबिन, सफाईकर्मियों की तैनाती, सूचना एवं उद्घोषणा केंद्र, पुलिस, यातायात पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की चप्पे चप्पे पर तैनाती, बैकिंग, दूरसंचार, खाने-पीने, दुग्ध आपूर्ति, दवा, पेयजल आदि सुविधाओं का इंतजाम किया जा रहा है।
वित्त मंत्री ने बताया कि मेला के लिये प्रयासराज शहर और मेला परिसर का व्यापक सौंदर्यीकरण और इसे एक नया स्वरूप दिया जा रहा है जिससे यहां आने वाले हर व्यक्ति को एक धार्मिक माहौल जैसी की अनुभूति होगी।
ढाचांगत विकास सौदकी जानकारी देते हुये उन्होंने बताया कि प्रयागराज जिले एवं शहर में नौ नये फ्लाईओवर, राष्ट्रीय एवं राजमार्गों का विस्तार, नौ रेलवे ओवरब्रिज, छह अंडरपास का विस्तार, संगम क्षेत्र में सात घाटों का निर्माण, रीवर फ्रंट का संरक्षण, शहर में 32 चौराहों, सड़काें, बस स्टॉप का निर्माण, बस टर्मिनल, रेलवे स्टेशन, बमरौली हवाईअड्डे का विस्तार एवं नये टर्मिनल का निर्माण आदि परियोजनाएं पूरी कर ली गई हैं। मेला के लिये विशेष रेलगाड़ियां, बसें और उड़ानें भी शुरू की जाएंगी।
अग्रवाल ने बताया कि मेला में आने वाले लोगों के लिये संगम क्षेत्र में पांच जगहों पर जैटी का निर्माण किया गया है जहां वे बड़ी नौकाओं (फेरी) में घूमने का आनंद भी उठा सकेंगे।
इसके अलावा मेला के दौरान लेजर शो और धार्मिक कार्यक्रमों आदि का भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेला के स्थायी ढांचागत विकास एवं आयोजन पर इस बार लगभग 4300 करोड़ रूपये खर्च होंगे जिसमें से लगभग 1200 करोड़ रूपये केंद्र सरकार ने व्यवस्था की है।