विनेश के फैसले से खफा महावीर फोगाट ने कहा, 'बेटी संगीता करेगी अधूरा काम पूरा'

पूर्व कुश्ती कोच और विनेश फोगाट के चाचा महावीर फोगाट ने विनेश के राजनीति में प्रवेश करने के फैसले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बेटी संगीता फोगाट अब उनके सपने को आगे ले जाएगी

Update: 2024-09-10 13:31 GMT

नई दिल्ली। पूर्व कुश्ती कोच और विनेश फोगाट के चाचा महावीर फोगाट ने विनेश के राजनीति में प्रवेश करने के फैसले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बेटी संगीता फोगाट अब उनके सपने को आगे ले जाएगी।

 

महावीर फोगाट ने लॉस एंजेलिस ओलंपिक के लिए अपनी बेटी को तैयार करना शुरू कर दिया है।

पिछले शुक्रवार विनेश ने टोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता पहलवान बजरंग पुनिया (संगीता के पति) के साथ कांग्रेस में शामिल हो गईं। वो जींद जिले के जुलाना से चुनावी मैदान में उतरेंगी।

महावीर फोगाट ने आईएएनएस से कहा, "विनेश को लॉस एंजेलिस ओलंपिक खेलना चाहिए था, लेकिन अब वह राजनीति में आ गई हैं। इसलिए हमने संगीता फोगाट को 2028 ओलंपिक के लिए तैयार करना शुरू कर दिया है। वह भारत के लिए पदक लाएंगी ।

"जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के कारण संगीता राष्ट्रीय चैंपियनशिप से चूक गईं थी। बबीता फोगाट घुटने की परेशानी से जूझ रही हैं, इसलिए उनके मैट पर वापस आने का कोई मतलब नहीं है।"

द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता ने कहा कि वह विनेश के राजनीति में आने और अगले महीने हरियाणा चुनाव लड़ने के फैसले के खिलाफ हैं। वे चाहते थे कि विनेश 2028 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक में हिस्सा लें और भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतें।

महावीर फोगाट ने कहा, "मैं चाहता था कि विनेश 2028 ओलंपिक के लिए खुद को तैयार करे। विनेश ने चुनाव लड़ने का जो फैसला किया है, वह पूरी तरह से उनका और उनके पति का है। हम नहीं चाहते थे कि वह राजनीति में आएं। मैं उनके राजनीति में आने के फैसले से खुश नहीं हूं। पूरा देश उम्मीद कर रहा था कि विनेश 2028 में स्वर्ण पदक जीतेगी और मैं भी यही उम्मीद कर रहा था।

"वह राजनीति में आईं, विधायक या मंत्री भी बन सकती हैं, लेकिन अगर उन्होंने ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता होता तो उसे जीवन भर याद रखा जाता।"

उन्होंने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा पर विनेश फोगाट को राजनीति में लाने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया है।

उन्होंने आगे कहा, "2024 ओलंपिक की निराशा से हर कोई निराश था। इसका फायदा उठाने के लिए भूपेंद्र हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा ने विनेश को राजनीति में धकेल दिया। शुरू में विनेश चुनाव नहीं लड़ना चाहती थीं।

विनेश पेरिस ओलंपिक में महिलाओं की फ्रीस्टाइल 50 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने का मौका काफी करीब से चूक गईं। इसके पीछे वजह रही उनके वेट कैटगरी से उनका 100 ग्राम अधिक वजन। इसलिए उन्हें ओलंपिक फ़ाइनल से डिसक्वालीफाई कर दिया गया।

इस तरह बाहर होने के बाद, विनेश ने कुश्ती से संन्यास लेने के अपने फैसले की घोषणा सोशल मीडिया पर की थी।

 

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